प्रसाद हॉस्पिटल अग्निकांड से भी नहीं चेता स्वास्थ्य विभाग, डीएम के निरीक्षण में खुली पोल

Muzaffarpur Hospital Fire Incident: मुजफ्फरपुर में प्रसाद हॉस्पिटल अग्निकांड के बाद भी मॉडल अस्पताल समेत किसी भी पीएचसी-सीएचसी का फायर ऑडिट नहीं हुआ. डीएम कुमार गौरव ने निरीक्षण के दौरान लापरवाही पकड़ते हुए सभी स्वास्थ्य केंद्रों में तत्काल फायर ऑडिट और प्रशिक्षण का निर्देश दिया. पढे़ं पूरी खबर…

Muzaffarpur Hospital Fire Incident: मुजफ्फरपुर के प्रसाद हॉस्पिटल अग्निकांड के बाद अस्पतालों की अग्नि सुरक्षा को लेकर जारी सरकारी निर्देशों का जिले में पालन नहीं हो रहा है. मॉडल अस्पताल से लेकर किसी भी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में अब तक फायर ऑडिट नहीं कराया गया है. इसका खुलासा तब हुआ, जब जिलाधिकारी कुमार गौरव ने शुक्रवार को मॉडल अस्पताल का औचक निरीक्षण किया.

डीएम के सवाल पर सामने आई बड़ी लापरवाही

निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने अस्पताल प्रबंधक प्रवीण कुमार से फायर ऑडिट की स्थिति के बारे में जानकारी मांगी. जवाब मिला कि अब तक मॉडल अस्पताल का फायर ऑडिट नहीं कराया गया है. इसके बाद जब जिले के अन्य सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों की स्थिति की पड़ताल की गई तो पता चला कि किसी भी पीएचसी और सीएचसी में भी फायर ऑडिट नहीं हुआ है.

यह भी पढे़ं: 14 दमकल, 40 फायरकर्मी और 9 घंटे की जंग के बाद बुझी आग, एक चिंगारी ने कबाड़ गोदाम को किया राख

प्रसाद हॉस्पिटल हादसे के बाद भी नहीं हुआ पालन

प्रसाद हॉस्पिटल में हुए दर्दनाक अग्निकांड के बाद राज्य सरकार ने अस्पतालों में फायर सेफ्टी को लेकर विशेष सतर्कता बरतने और नियमित फायर ऑडिट कराने के निर्देश दिए थे. बावजूद इसके जिला स्वास्थ्य विभाग ने इन निर्देशों का पालन नहीं किया. इसे लेकर डीएम ने नाराजगी जताई और स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए.

तत्काल फायर ऑडिट कराने का आदेश

मामले को गंभीर मानते हुए जिलाधिकारी कुमार गौरव ने सिविल सर्जन को निर्देश दिया कि जिले के सभी सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में अविलंब फायर ऑडिट कराया जाए. उन्होंने कहा कि मरीजों और स्वास्थ्यकर्मियों की सुरक्षा से किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जा सकता.

यह भी पढ़ें: 27 जून को सदर अस्पताल और SKMCH में कौन डॉक्टर बैठेंगे? देखें पूरी सूची

स्वास्थ्यकर्मियों को मिलेगी फायर सेफ्टी की ट्रेनिंग

डीएम ने यह भी निर्देश दिया कि फायर ऑडिट के साथ-साथ सभी अस्पतालों के डॉक्टरों, नर्सों और अन्य कर्मियों को अग्निशमन यंत्र (फायर एक्सटिंग्विशर) चलाने का प्रशिक्षण दिया जाए. ताकि आग जैसी आपात स्थिति में वे समय रहते खुद को, मरीजों और अस्पताल परिसर को सुरक्षित रख सकें.

सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने पर जोर

जिलाधिकारी ने कहा कि सभी स्वास्थ्य केंद्रों में फायर सेफ्टी से जुड़े मानकों का पालन सुनिश्चित किया जाए. साथ ही जहां भी सुरक्षा उपकरणों की कमी है, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर उपलब्ध कराया जाए, ताकि भविष्य में किसी भी अप्रिय घटना से बचा जा सके.

मुजफ्फरपुर से कुमार दीपू की रिपोर्ट

प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By Aniket kumar

अनिकेत बीते 4 सालों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं. राजस्थान पत्रिका और न्यूजट्रैक जैसे मीडिया संस्थान के साथ काम करने का अनुभव. एंटरटेनमेंट, हाईपरलोकल और राजनीति की खबरों से अधिक जुड़ाव. वर्तमान में प्रभात खबर की डिजिटल टीम के साथ कार्यरत.
Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >