Bihar Bridge News: बिहार में लगातार पुलों को लेकर सामने आ रहे मामलों के बीच अब मुजफ्फरपुर से भी बड़ी खबर सामने आई है. भागलपुर के विक्रमशिला पुल विवाद के बाद सरकार अब पुलों की सुरक्षा को लेकर ज्यादा सतर्क हो गई है. इसी बीच मुजफ्फरपुर के चार पुलों को जर्जर और खतरनाक मानते हुए प्रशासन ने उन पर भारी वाहनों के परिचालन पर रोक लगा दी है.
जिला प्रशासन ने निर्देश दिया है कि इन पुलों से अब ट्रक, बस और अन्य भारी कमर्शियल वाहन नहीं गुजरेंगे. यह फैसला तकनीकी जांच रिपोर्ट आने के बाद लिया गया है. प्रशासन का कहना है कि पुलों की हालत ठीक नहीं है और सुरक्षा को देखते हुए यह कदम जरूरी था.
इन पुलों पर लगाया गया प्रतिबंध
जिन पुलों पर भारी वाहनों की आवाजाही रोकी गई है, उनमें बूढ़ी गंडक नदी पर बना दादर पुल, माड़ीपुर रेल ओवरब्रिज, देवरिया-बरूराज मार्ग का पुल और देवरिया-जाफरपुर-अम्बारा रोड का पुल शामिल है.
माड़ीपुर ओवरब्रिज को शहर की लाइफलाइन माना जाता है. रोज हजारों लोग इस रास्ते से आते-जाते हैं. ऐसे में पुल की खराब स्थिति ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है.
जांच रिपोर्ट में सामने आई गंभीर स्थिति
पथ निर्माण विभाग और आईआईटी पटना की संयुक्त टीम ने इन पुलों का निरीक्षण किया था. जांच में पाया गया कि पुलों की स्थिति काफी खराब हो चुकी है. रिपोर्ट में कहा गया कि जब तक मरम्मत का काम पूरा नहीं हो जाता, तब तक भारी वाहनों को रोकना जरूरी है.
इसके बाद कार्यपालक अभियंता की अनुशंसा पर जिला प्रशासन ने कार्रवाई शुरू की. पुलों के पास बैरियर लगाने और नो-एंट्री लागू करने का निर्देश दिया गया है.
मरम्मत पर खर्च होंगे करोड़ों रुपये
प्रशासन के अनुसार माड़ीपुर आरओबी की मरम्मत और जीर्णोद्धार पर करीब 4.50 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे. दादर पुल की मरम्मत पर करीब 4 करोड़ रुपये की योजना तैयार की गई है.
सरकार का कहना है कि पुलों को सुरक्षित बनाने का काम जल्द शुरू होगा, ताकि भविष्य में किसी बड़े हादसे से बचा जा सके.
भारी वाहनों के लिए बदला गया रूट
पुलों पर रोक लगने के बाद ट्रैफिक व्यवस्था में भी बदलाव किया गया है. माड़ीपुर आरओबी की तरफ जाने वाले भारी वाहनों को अब वैकल्पिक रास्तों से भेजा जाएगा. दादर पुल की ओर जाने वाले ट्रकों और बसों को एनएच के जरिए डायवर्ट किया गया है.
देवरिया और अम्बारा की तरफ जाने वाले वाहनों के लिए भी नया रूट तय किया गया है. छोटे वाहन और बाइक पहले की तरह सामान्य रूप से चल सकेंगे.
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लोगों में हादसे का डर
स्थानीय लोगों का कहना है कि पुलों की हालत काफी समय से खराब थी, लेकिन अब प्रशासन की कार्रवाई के बाद डर और बढ़ गया है. लोगों को चिंता है कि अगर समय रहते मरम्मत नहीं हुई, तो कोई बड़ा हादसा हो सकता है. प्रशासन का कहना है कि लोगों की सुरक्षा सबसे बड़ी प्राथमिकता है और पुलों की लगातार निगरानी की जा रही है.
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