निजी क्लिनिक में इलाज के दौरान महिला की मौत, परिजनों ने किया हंगामा

जिले में अवैध नर्सिंग होम और निजी क्लिनिक खुलेआम मरीजों की जान से खेल रहा है.

लापरवाही : एक दिन पहले जिस क्लीनिक की जांच करने पहुंची टीम, वहां इलाजरत महिला की हो गयी मौत

पूर्व में भी इस निजी क्लिनिक में मरीज की मौत के बाद हुआ था हंगामा

हवेली खड़गपुर. जिले में अवैध नर्सिंग होम और निजी क्लिनिक खुलेआम मरीजों की जान से खेल रहा है. जबकि इसपर नकेल कंसने की जगह स्वास्थ्य विभाग जांच के नाम पर खानापूर्ति कर रही है. बुधवार को हवेली खड़गपुर नगर परिषद क्षेत्र के पश्चिम अजीमगंज स्थित डॉ विनोद कुमार के निजी क्लिनिक पर इलाज के बाद गंभीर हालत रेफर महिला की मौत हो गयी. जिसके बाद आक्रोशित परिजनों ने क्लीनिक पर जमकर हंगामा किया. जबकि क्लिनिक संचालक विनोद कुमार हंगामा के बीच क्लीनिक छोड़कर फरार हो गया.

दसरल सुल्तानगंज के बाथ थाना क्षेत्र के श्यामपुर गांव में श्याम यादव की 20 वर्षीय पत्नी प्रियंका कुमारी का प्रसव असरगंज स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में कराया गया था. प्रसव के बाद चिकित्सकों ने प्रियंका में रक्त की कमी बताकर हायर सेंटर रेफर कर दिया. जहां से परिजन छह दिन पूर्व ही पश्चिम अजीमगंज के विनोद कुमार के निजी क्लिनिक में भर्ती कराया. परिजनों ने बताया कि बुधवार की सुबह जब प्रियंका की स्थिति बिगड़ने लगी तो इलाज कर रहे विनोद कुमार ने हाथ खड़ा कर दिया और प्रियंका को मुंगेर लेकर जाने को कहा. जहां से वे लोग प्रियंका लेकर मुंगेर में एक निजी अस्पताल पहुंचे. जहां उसे मृत घोषित कर दिया गया. परिजनों ने आरोप लगाया कि इलाज में लापरवाही के कारण प्रियंका की मौत हो गयी. जिसके बाद परिजन हंगामा करने लगे. इस बीच क्लिनिक संचालक विनोद कुमार क्लिनिक में ताला लगाकर फरार हो गया.

मंगलवार को ही जांच के लिए पहुंची थी स्वास्थ्य विभाग की टीम

विदित हो की मंगलवार को ही स्वास्थ्य विभाग की टीम ने हवेली खड़गपुर क्षेत्र के विभिन्न निजी क्लीनिक एवं नर्सिंग होम की जांच की थी. जहां टीम विनोद कुमार के निजी क्लिनिक पहुंची थी. वहां प्रियंका कुमारी भर्ती थी. जांच के क्रम में स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने मरीज का नाम नंबर भी नोट किया था, लेकिन वहां व्यवस्था नहीं होने और चिकित्सक नहीं होने बावजूद टीम ने कोई कार्रवाई नहीं की.

पूर्व में दो बार सील हो चुका है क्लिनिक

विदित हो कि वर्ष 2018 में भी विनोद कुमार के क्लिनिक में एक प्रसूता की इलाज के दौरान मौत के बाद परिजन और ग्रामीणों ने हंगामा किया था. साथ ही जमकर तोड़फोड़ भी की थी. जबकि सरकारी दवा बेचने के आरोप में वर्ष 2021 में प्रशासन ने विनोद कुमार के क्लिनिक को सील कर दिया था, लेकिन इसके बाद विनोद कुमार ने दोबारा क्लिनिक शुरू कर दिया. अब ऐसे में जिले में संचालित अवैध क्लीनिक और नर्सिंग होम को लेकर स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही को समझा जा सकता है. जहां आये दिन मरीज अपनी जान गंवा रहे हैं.

मंगलवार को जांच के लिए जब टीम डॉक्टर विनोद कुमार के क्लिनिक पर पहुंची तो मृतक महिला क्लीनिक में एडमिट थी, लेकिन डॉ विनोद कुमार मौजूद नहीं थे. मामले की जानकारी मुख्यालय में अधिकारियों को दी गयी है. निर्देशानुसार आगे की कार्रवाई की जायेगी.

डॉ सुबोध कुमार, प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारीB

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By Prabhat Khabar News Desk

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