बरियारपुर. कौन कहता है कि कामयाबी किस्मत तय करती है, हौसला बुलंद हो तो मंजिल भी झुकती है. ऐसा ही कर दिखाया है मुंगेर जिले के बरियारपुर प्रखंड अंतर्गत फुलकिया ब्रह्मस्थान निवासी शलभ चौधरी ने, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर यूनाइटेड किंगडम के यूनिवर्सिटी ऑफ नॉटिंघम में पूर्णतः वित्तपोषित पीएचडी के लिए शलभ का चयन हुआ है. उन्हें मिडलैंड ग्रेजुएट स्टूडेंटशिप के तहत करीब 1 करोड़ 35 लाख रुपये की छात्रवृत्ति प्रदान की गयी है, जो उनके चार वर्षीय शोध के लिए दिया गया है. मालूम हो कि बरियारपुर निवासी विनोद चौधरी का पौत्र व अरविंद चौधरी एवं बबीता चौधरी का सुपुत्र शलभ की प्रारंभिक शिक्षा सरस्वती विद्या मंदिर, पुरानीगंज से हुई. इसके बाद उन्होंने 10वीं की परीक्षा विग्नान ग्लोबल जेन स्कूल, हैदराबाद व 12वीं की पढ़ाई जवाहर विद्या मंदिर, श्यामली रांची से पूरी की. उच्च शिक्षा के क्रम में शलभ ने दिल्ली विश्वविद्यालय से राजनीति विज्ञान ऑनर्स में स्नातक की डिग्री प्राप्त की, जहां उन्हें सामाजिक उत्तरदायित्वव शैक्षणिक उत्कृष्टता के लिए दीपक मल्होत्रा छात्रवृत्ति से सम्मानित किया गया. तत्पश्चात उन्होंने नालंदा विश्वविद्यालय, राजगीर बिहार से इकोलॉजी एंड एनवायरनमेंट स्टडीज में स्नातकोत्तर की उपाधि प्राप्त की. मास्टर्स के दौरान ही उन्होंने जनजातीय शासन के क्षेत्र में कार्य प्रारंभ किया. वर्तमान में वे नालंदा विश्वविद्यालय में आइसीएसएसआर द्वारा वित्तपोषित एक परियोजना पर कार्य कर रहे हैं.
यूके के यूनिवर्सिटी ऑफ नॉटिंघम में वित्तपोषित पीएचडी के लिए शलभ का चयन
कौन कहता है कि कामयाबी किस्मत तय करती है, हौसला बुलंद हो तो मंजिल भी झुकती है. ऐसा ही कर दिखाया है मुंगेर जिले के बरियारपुर प्रखंड अंतर्गत फुलकिया ब्रह्मस्थान निवासी शलभ चौधरी ने
