मुंगेर. पोलियो, मिजल्स, डिप्थेरिया जैसे कई वैक्सीन प्रिवेंटेबल डिजीज (वीपीडी) अर्थात वैसे रोग, जिसे टीके की मदद से रोका जा सकता है. ऐसे वीपीडी कार्यक्रमों का कमान अब जिला स्वास्थ्य समिति की एकीकृत रोग निगरानी कार्यक्रम (आइडीएसपी) विभाग संभालेगी, क्योंकि 31 मार्च से जिला में इन कार्यक्रमों के संचालन में स्वास्थ्य विभाग का सहयोग कर रही वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गनाइजेशन (डब्ल्यूएचओ) का कार्यकाल समाप्त हो जायेगा. जिला स्वास्थ्य समिति के जिला कार्यक्रम पदाधिकारी मो फैजान आलम अशरफी ने बताया कि 31 मार्च से जिला मुख्यालय में डब्ल्यूएचओ का कार्यालय नहीं रहेगा. ऐसे में डब्ल्यूएचओ द्वारा जिन कार्यक्रमों का संचालन जिले में स्वास्थ्य विभाग के साथ किया जा रहा था. उनका संचालन अब आइडीएसपी द्वारा किया जायेगा. उन्होंने बताया कि डब्ल्यूएचओ द्वारा मुख्यत: टीकाकरण और वीपीडी कार्यक्रम संचालित किया जा रहा था. ऐसे में अब टीकाकरण का कार्य पूर्व की तरह जिला प्रतिरक्षण कार्यालय द्वारा अपने स्तर से किया जायेगा, जबकि वीपीडी कार्यक्रमों का संचालन आइडीएसपी द्वारा किया जायेगा. आइडीएसपी अधिकारी प्रेमरंजन दूबे ने बताया कि डब्ल्यूएचओ द्वारा जिले में पोलियो, मिजल्स, डिप्थेरिया, न्यू नेटल टेटनस और प्रटूलोसिस जैसी बीमारियों की मॉनिटरिंग की जा रही थी. हालांकि जिले में केवल पोलियो और मिजल्स के मामले हैं, जबकि शेष तीन वीपीडी बीमारी नहीं है. उन्होंने बताया कि आइडीएसपी द्वारा बीते दिनों मिजल्स के संभावित चार मरीजों का सैंपल जांच के लिए एम्स पटना भेजा गया था. जिसकी रिपोर्ट निगेटिव आयी है, जबकि पोलियो के संभावित दो बच्चों का सैंपल जांच के लिए कोलकाता भेजा गया है, जिसकी रिपोर्ट अबतक नहीं आयी है.
मुंगेर में डब्ल्यूएचओ का कार्यकाल समाप्त, अब आइडीएसपी संभालेगी कमान
पोलियो, मिजल्स, डिप्थेरिया जैसे कई वैक्सीन प्रिवेंटेबल डिजीज (वीपीडी) अर्थात वैसे रोग, जिसे टीके की मदद से रोका जा सकता है.
