संग्रामपुर. प्रशासनिक लापरवाही के कारण प्रखंड मुख्यालय स्थित जीविका कार्यालय के समीप आमरण अनशन पर बैठीं जीविका दीदियों का आंदोलन रविवार को छठे दिन भी जारी रहा. लगातार छह दिनों से चल रहे अनशन से जीविका दीदियों का स्वास्थ्य बिगड़ती जा रही है. बावजूद प्रशासनिक पदाधिकारी व जीविका के अधिकारी अनशन खत्म कराने की दिशा में पहल नहीं कर रहे हैं. अनशन पर बैठीं रीता मनोहर, रंजना शुक्ला, रजनी कुमारी और रोजी कुमारी अपनी बहाली और सम्मानजनक नियुक्ति की मांग को लेकर अनशन पर अडिग है. उनका कहना है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं की जातीं, तब तक अनशन जारी रहेगा. अनशन के बढ़ते दिनों के साथ उनकी तबीयत भी बिगड़ती जा रही है. इधर मामले को गंभीरता को देखते हुए दंडाधिकारी सह प्रखंड परियोजना प्रबंधक ने चेतावनी पत्र जारी किया है. पत्र में अनशन स्थल को अनधिकृत बताते हुए इसे तत्काल खाली करने का निर्देश दिया गया है. कहा गया है कि आदेश का पालन नहीं करने पर प्राथमिकी दर्ज कर बलपूर्वक हटाने की कार्रवाई की जाएगी. वहीं प्रखंड स्तरीय जीविका पदाधिकारी जब चेतावनी पत्र लेकर अनशन स्थल पर पहुंचे, तो महिलाओं ने पत्र लेने से इनकार कर दिया. अनशन कर रही रीता मनोहर ने आरोप लगाया कि बीपीएम निर्भय कुमार अनशन समाप्त करने के लिए दबाव बना रहे हैं और बलपूर्वक हटाने की बात कह रहे हैं. लेकिन उनकी बहाली को लेकर कोई स्पष्ट आश्वासन नहीं दिया जा रहा है. रविवार सुबह महिलाओं की बिगड़ती हालत की सूचना पर एसयूसीआई के जिला सचिव कृष्णदेव साह, वार्ड पार्षद राजेश केशरी, मुकेश कुमार, समाजसेवी नंदकिशोर यादव और सुधांशु कुमार समेत कई लोग अनशन स्थल पर पहुंचे और महिलाओं का हालचाल जाना. सबों ने प्रशासन से जल्द सकारात्मक पहल करने की मांग की. इधर अनशन पर बैठी महिलाओं ने किसी भी प्रकार स्वास्थ्य सुविधा लेने से इनकार किया.
जीविका दीदियों का अनशन जारी, अब स्थल को खाली करने की मिली चेतावनी
प्रशासनिक लापरवाही के कारण प्रखंड मुख्यालय स्थित जीविका कार्यालय के समीप आमरण अनशन पर बैठीं जीविका दीदियों का आंदोलन रविवार को छठे दिन भी जारी रहा
