सत्य, निष्पक्षता व लोकतंत्र के प्रहरी होते हैं पत्रकार
विश्व प्रेस स्वतंत्रता दिवस आजादी के महत्व को उजागर करने, पत्रकारों को उनके कर्तव्य पालन में आने वाली चुनौतियों से बचाने और अपने प्राणों की आहुति देने वाले पत्रकारों को श्रद्धांजलि देने के लिए मनाया जाता है
विश्व प्रेस स्वतंत्रता दिवस आजादी के महत्व को उजागर करने, पत्रकारों को उनके कर्तव्य पालन में आने वाली चुनौतियों से बचाने और अपने प्राणों की आहुति देने वाले पत्रकारों को श्रद्धांजलि देने के लिए मनाया जाता है. इस अवसर पर आरएस कॉलेज तारापुर में समाज के चौथे स्तंभ पत्रकारिता की भूमिका पर कॉलेज प्राध्यापकों ने अपने-अपने विचार व्यक्त किये. कॉलेज के प्राचार्य डाॅ नागेंद्र कुमार शर्मा ने कहा कि पत्रकारिता लोकतंत्र की आत्मा है, जो समाज को सही दिशा देती है. डाॅ सविता कुमारी ने पत्रकारों के साहस और समर्पण की सराहना करते हुए कहा कि उनकी कलम समाज में सकारात्मक बदलाव लाने की शक्ति रखती है. डाॅ राखी कुमारी ने कहा कि निष्पक्ष पत्रकारिता ही जनता का विश्वास बनाए रखती है तो डाॅ यूएस दास ने पत्रकारों को सत्य के प्रति प्रतिबद्ध रहने का संदेश दिया. वहीं अन्य शिक्षाविदों ने कहा कि पत्रकार न केवल सूचनाओं के संवाहक होते हैं, बल्कि वे सत्य, निष्पक्षता और लोकतंत्र के प्रहरी भी हैं. उनकी निर्भीक लेखनी समाज को जागरूक करने, अन्याय के विरुद्ध आवाज उठाने और जनहित के मुद्दों को सामने लाने का कार्य करती है. आज के दौर में जब सूचनाओं की बाढ़ है, तब जिम्मेदारी और सत्यनिष्ठ पत्रकारिता का महत्व और भी बढ़ जाता है. इधर प्रधान लिपिक अरुण सिंह ने कहा कि स्वतंत्र और निर्भीक पत्रकारिता ही सशक्त समाज की नींव है. ईश्वर से कामना है कि सभी पत्रकार सदैव सुरक्षित, निर्भीक और सफल रहें तथा अपनी कलम से समाज को सशक्त बनाते रहें.