कौओं की मौत मामले में पशु चिकित्सक टीम ने तेघड़ा गांव का लिया जायजा
खड़गपुर के तेघड़ा गांव में पिछले दिनों उमाशंकर पासवान के बगीचा में दर्जनों कौआ की मौत के बाद पशुपालन विभाग निरीक्षण किया था और बगीचा के आसपास और पोल्ट्री फार्म की जांच कर आवश्यक दवाइयों के छिड़काव के साथ मुर्गा के स्वाब और सीरम लेकर जांच के लिए भेजा था
कौओं की मौत मामले में पशु चिकित्सक टीम ने तेघड़ा गांव का लिया जायजा
हवेली खड़गपुर.
खड़गपुर के तेघड़ा गांव में पिछले दिनों उमाशंकर पासवान के बगीचा में दर्जनों कौआ की मौत के बाद पशुपालन विभाग निरीक्षण किया था और बगीचा के आसपास और पोल्ट्री फार्म की जांच कर आवश्यक दवाइयों के छिड़काव के साथ मुर्गा के स्वाब और सीरम लेकर जांच के लिए भेजा था. फिलहाल रिपोर्ट नहीं आयी है. लेकिन पिछले 12 दिनों में एक भी कौओं की मौत नहीं हुई है. इससे ग्रामीणों ने राहत की सांस ली है और सबों की निगाहें रिपोर्ट पर टिकी हुई है. जिला पशुपालन पदाधिकारी के आदेश पर रविवार को भ्रमणशील पशु चिकित्सा पदाधिकारी डॉ संजय कुमार सहित पशु चिकित्सकों और कर्मियों की टीम ने तेघड़ा गांव स्थित उमाशंकर पासवान के बगीचे का निरीक्षण किया. निरीक्षण के दौरान डॉ संजय कुमार ने बताया कि पिछले 12 दिनों से गांव में एक भी मृत कौआ नहीं पाया गया है. ग्रामीणों ने भी पुष्टि की कि हाल के दिनों में कौओं की मौत का कोई नया मामला सामने नहीं आया है. इससे क्षेत्र में फैली आशंका अब काफी हद तक समाप्त हो गई है. उन्होंने बताया कि आसपास स्थित मुर्गी फार्मों का भी निरीक्षण किया गया. जहां किसी भी मुर्गा या मुर्गी की असामान्य मौत की सूचना नहीं है. विदित हो कि 18 फरवरी को मृत कौओं का सैंपल जांच के लिए भेजा गया था. साथ ही रतनी, बिनलपुर आदि के पोल्ट्री फार्म में मुर्गा के ब्लड सीरम एवं स्वाब के नमूने जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे गए थे. हालांकि अब तक जांच रिपोर्ट प्राप्त नहीं हुई है. रिपोर्ट आने के बाद ही कौआ की मौत के वास्तविक कारणों का स्पष्ट पता चल सकेगा. हालांकि पशुपालन विभाग लगातार स्थिति पर नजर बनाये हुए है. ताकि किसी प्रकार की स्थिति होने पर तुरंत नियंत्रण किया जा सके.
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