Shravani Mela: असरगंज (मुंगेर). श्रावणी मेला 2026 के चौथे दिन सावन की पहली सोमवारी पर असरगंज का कच्ची कांवरिया पथ शिवभक्तों से पूरी तरह भर गया. सुल्तानगंज से पवित्र गंगाजल लेकर बाबा बैद्यनाथ धाम जाने वाले श्रद्धालुओं के "बोल बम" और "हर-हर महादेव" के जयघोष से पूरा क्षेत्र भक्तिमय वातावरण में डूब गया. इस दौरान कोलकाता से आए शिवभक्तों की विशाल कांवर यात्रा लोगों के आकर्षण का केंद्र रही.
महाकालेश्वर की प्रतिमा से सजी 300 किलो की विशाल कांवर
कोलकाता के काशीपुर से पहुंचे शिवभक्त उज्जैन के महाकालेश्वर की भव्य प्रतिमा से सजी विशाल कांवर लेकर देवघर जा रहे हैं. कांवर के कलश में 100 लीटर गंगाजल भरा गया है. पूरी कांवर को राष्ट्रध्वज तिरंगे की थीम से सजाया गया है, जो कांवरिया पथ पर सभी का ध्यान अपनी ओर खींच रही है.
30 शिवभक्तों का जत्था कर रहा है यात्रा
शिवभक्त रघुनाथ राय ने बताया कि उनके साथ 30 शिवभक्तों का जत्था यात्रा में शामिल है. करीब 300 किलो वजनी इस कांवर को एक समय में चार लोग मिलकर उठाते हैं. उन्होंने बताया कि यह कांवर पूरी तरह बांस और मटकी की सहायता से हाथ से तैयार की गयी है.
2024 से शुरू की विशाल कांवर यात्रा
जत्थे के वरिष्ठ शिवभक्त बबाई ने बताया कि वह पिछले 15 वर्षों से कांवर यात्रा कर रहे हैं. पहले सामान्य कांवर लेकर बाबा बैद्यनाथ धाम जाते थे, लेकिन वर्ष 2024 से विशाल कलश वाली कांवर यात्रा की शुरुआत की गई. उनका कहना है कि इस यात्रा का उद्देश्य भगवान शिव के प्रति अपनी आस्था और भक्ति को विशेष रूप से प्रकट करना है.
बैद्यनाथ धाम के बाद जाएंगे बासुकीनाथ और तारकनाथ
शिवभक्तों ने बताया कि देवघर में बाबा बैद्यनाथ का जलाभिषेक करने के बाद वे बासुकीनाथ धाम जाएंगे. इसके बाद 15 अगस्त को भूतनाथ से जल उठाकर बाबा तारकनाथ मंदिर में जलाभिषेक करने के लिए अगली यात्रा शुरू करेंगे.
शिवमय हुआ कांवरिया पथ
Shravani Mela: सावन की पहली सोमवारी पर असरगंज का कच्ची कांवरिया पथ पूरी तरह शिवभक्तों से गुलजार रहा. जगह-जगह सेवा शिविरों में कांवरियों का स्वागत किया गया. पूरे मार्ग पर "बोल बम" के जयघोष और भक्ति गीतों से वातावरण भक्तिमय बना रहा.
