शादी का सीजन ऑन : बैंड, बाजा व बरात की शोर में डूबा शहर से लेकर गांव

विवाह के लिए कपड़ा, आभूषण और विवाह सामग्री खरीदारी करने के लिए लोगों की भीड़ भी बाजार में बढ़ गयी है. हाल यह है कि शहर से लेकर गांव तक बैंड, बाजार और बारात की शोर गुंजने लगी है.

– शादी को लेकर बाजार में तेज हुई खरीदारी

मुंगेर

त्योहारों और चुनावी सीजन ऑफ होते ही शादी का सीजन ऑन हो गया है. नवंबर व दिसंबर में जबरदस्त लगन हैं. जिसे लेकर शहर के सभी मैरिज हॉल, बैंक्वेट हाॅल, धर्मशाला, बैंड-बाजा वाली पार्टियां और टेंट आदि कि बुकिंग तेज हो गयी है. विवाह के लिए कपड़ा, आभूषण और विवाह सामग्री खरीदारी करने के लिए लोगों की भीड़ भी बाजार में बढ़ गयी है. हाल यह है कि शहर से लेकर गांव तक बैंड, बाजार और बारात की शोर गुंजने लगी है.

17 नवंबर से ऑन हुआ शादी का सीजन, बजने लगी है शहनाई

वाराणसी पंचांग के अनुसार 17 नवंबर से विवाह के शुभ मुहूर्त ऑन हो गया है. इस माह में 30 नवंबर तक विवाह संभव है. वहीं 6 दिसंबर तक लग्न रहेंगे. 16 दिसंबर से खरमास प्रारंभ होगा, जो रात 1:47 बजे से लगेगा और 14 जनवरी 2026 की रात 9:38 बजे समाप्त होगा. वर्ष 2026 के जनवरी में कोई विवाह लग्न नहीं रहेगा. फरवरी और मार्च में अधिक लग्न हैं. विशेष बात यह है कि वर्ष 2026 में वेलेंटाइन डे (14 फरवरी) के दिन भी विवाह का शुभ मुहूर्त रहेगा, जिसके कारण उस दिन भी शादियों की धूम रहेगी. वहीं, मिथिला पंचांग के अनुसार 20 नवंबर से विवाह लग्न प्रारंभ होंगे, जो छह दिसंबर तक रहेंगे. जनवरी में केवल एक दिन का लग्न रहेगा, जबकि फरवरी में सर्वाधिक नौ लग्न रहेंगे. इस बार 16 मई से 15 जून तक मलमास रहने के कारण विवाह के मुहूर्त अपेक्षाकृत कम हैं.

तेज हुई बाजार में खरीदारी

देवउठनी एकादशी के बाद शुरू होने वाले लगन के लिए खरीदारी भी तेज हो गई है. नवरात्रि के बाद से ही लोगों ने कपड़े, गहने और बर्तन आदि की खरीदारी शुरू कर दी थी. एक ओर जहां कपड़ों की दुकानों में खरीदारों की भीड़ देखी जा रही है. वहीं दूसरी ओर आभूषण दुकान में भी आभूषण की बुकिंग मिल रही है. इतना ही नहीं बेकापुर परसट्ठा पट्टी में विवाह सामग्री से पट गया है. जहां खरीदारों की भीड़ के कारण पैदल चलना भी मुश्किल हो गया. व्यवसासियों को इस बार अच्छे कारोबार की उम्मीद है.

शुभ मुहूर्त का होना जरूरी

शादी-विवाह के लिए शुभ मुहूर्त का होना बड़ा महत्वपूर्ण होता है. वैवाहिक बंधन को सबसे पवित्र रिश्ता माना गया है. इसलिए इसमें शुभ मुहूर्त का होना जरूरी है. ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, शादी के शुभ योग के लिए बृहस्पति, शुक्र और सूर्य का शुभ होना जरूरी है. रवि गुरु का संयोग सिद्धिदायक और शुभफलदायी होते हैं. इन तिथियों पर शादी-विवाह को बेहद शुभ माना गया है.

इन तारीखों में है लग्न

नवंबर : 17, 18, 21, 22, 23, 24, 25, 29, 30.

दिसंबर : 01, 04, 05, 06.

जनवरी (2026) : कोई लग्न नहीं.

फरवरी (2026): 03, 04, 05, 08, 09, 10, 11, 13, 14, 19, 20, 21, 24, 25, 26.

मार्च (2026): 02, 04, 05, 06, 07, 08, 09, 10, 12, 13, 14.

मिथिला पंचांग के अनुसार वैवाहिक लग्न तिथियां

नवंबर : 20, 21, 23, 24, 26, 27, 30दिसंबर : 01, 04, 05.जनवरी (2026) : 29फरवरी (2026) : 05, 06, 08, 15, 19, 20, 22, 25, 26

मार्च (2026): 04, 09, 11, 13

अप्रैल (2026): 17, 20, 26, 30

मई (2026): 01, 06, 08, 10, 13जून (2026): 19, 24, 25, 26, 28, 29

जुलाई (2026): 01, 02, 03, 06, 09, 12

नवंबर (2026): 22, 25, 26, 30

दिसंबर (2026): 04, 06, 09, 10, 11, 14.

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Published by: Birendra kumar sing

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