5.28 करोड़ से विकसित होगा तिलडीहा मंदिर, भूमि को लेकर पर्यटन विभाग ने 2.64 करोड़ की दी स्वीकृति

सिद्धपीठ तिलडीहा दुर्गा मंदिर की भव्यता और उसके धार्मिक महत्व को पर्यटक स्थल के रूप में विकसित करने के लिए उपमुख्यमंत्री सह वित्त मंत्री सम्राट चौधरी प्रयत्नशील हैं.

तिलडीहा मंदिर को सांस्कृतिक पर्यटन के रूप में विकसित करने के लिए 15.44 एकड़ जमीन का होगा अधिग्रहण

तारापुर. पूर्व बिहार का प्रसिद्ध सिद्धपीठ तिलडीहा दुर्गा मंदिर की भव्यता और उसके धार्मिक महत्व को पर्यटक स्थल के रूप में विकसित करने के लिए उपमुख्यमंत्री सह वित्त मंत्री सम्राट चौधरी प्रयत्नशील हैं. यह मंदिर मुंगेर और बांका जिले के सीमा पर स्थित है. पूर्वी भाग में मंदिर बांका जिला, जबकि पश्चिम में मुंगेर जिला का भाग पड़ता है. मंदिर के लिए पर्यटन विभाग ने 5 करोड़ 28 लाख 17 हजार 104 रूपये की प्रशासनिक स्वीकृति दी है.

15.44 एकड़ जमीन में विकसित होगा तिलडीहा मंदिर

तारापुर अंचल अंतर्गत तिलडीहा मंदिर के आसपास सांस्कृतिक पर्यटन के रूप में विकसित करने के लिए 15.44 एकड़ जमीन अधिग्रहण किया जाना है और इसके लिए वर्तमान वित्तीय वर्ष 2024-25 में प्रथम किस्त के रूप में 2 करोड़ 64 लाख 8 हजार 552 रुपये की स्वीकृति भी प्रदान की गयी है. पर्यटन विभाग के उप सचिव ने महालेखाकार, बिहार पटना को वित्त विभाग के माध्यम से पत्राचार किया है. विभाग ने कहा कि भू अर्जन मद में उक्त राशि जिला पदाधिकारी मुंगेर को विमुक्त किया जाएगा. जिला पदाधिकारी द्वारा भूमि अधिग्रहण के पश्चात अर्जित भूमि का दखल कब्जा किया जायेगा. इसके बाद पर्यटकीय विकास एवं आधारभूत संरचना के निर्माण हेतु पर्यटन विभाग को प्राप्त करायी जाएगी. योजना की प्रशासनिक स्वीकृति हेतु विभागीय स्थायी वित्त समिति का 15 जनवरी 2025 को संपन्न बैठक में अनुशंसा की गयी है.

उपमुख्यमंत्री के प्रयास से तिलडीहा मंदिर को मिलेगी एक नयी पहचान

तिलडीहा दुर्गा मंदिर में प्रतिदिन हजारों की संख्या में भक्त दर्शन के लिए आते हैं. यहां बुनियादी सुविधाओं का सर्वथा अभाव रहा है. पूर्व मंत्री शकुनी चौधरी और उनके परिवार का यहां से बेहद लगाव और आस्था है. वर्तमान में जदयू के वरिष्ठ नेता और केंद्रीय मंत्री ललन सिंह की आस्था भी यहां के प्रति बढ़ी है. बिहार सरकार के वित्त मंत्री सह उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी अक्सर मंदिर में आते हैं और यहां के विकास के प्रति चिंतित रहते हैं. तिलडीहा मंदिर के आसपास सांस्कृतिक पर्यटक स्थल के रूप में विकसित होने से श्रावणी मेला के दौरान लाखों की संख्या में बाबा धाम जाने वाले कांवरियों को भी बेहतर सुविधा उपलब्ध हो पाएगी और तारापुर अनुमंडल का चौतरफा विकास होगा, जो इस क्षेत्र के लिए मील का पत्थर साबित होगा.

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