धावा दल की कार्रवाई में तीन बाल श्रमिक विमुक्त, भेजा गया बाल सुधार गृह

धावा दल की कार्रवाई में तीन बाल श्रमिक विमुक्त, भेजा गया बाल सुधार गृह

संग्रामपुर. उप श्रमायुक्त कार्यालय, मुंगेर के निर्देश पर गुरुवार को प्रखंड क्षेत्र में बाल श्रम के विरुद्ध विशेष धावा दल अभियान चलाया गया. इस दौरान तीन बाल श्रमिकों को विमुक्त कराया गया. इसके बाद बाल सुधार गृह मुंगेर भेज दिया, जबकि संबंधित नियोजकों के विरुद्ध संग्रामपुर थाना में प्राथमिकी दर्ज कराइ गयी. प्रखंड श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी निलेश कुमार के नेतृत्व में धावा दल ने प्रखंड क्षेत्र के विभिन्न दुकानों, प्रतिष्ठानों, होटलों, रेस्टोरेंट, मॉल व गैराज में सघन जांच अभियान चलाया गया. जांच के क्रम में संग्रामपुर थाना क्षेत्र से तीन बाल श्रमिकों को विमुक्त कराया गया. इन सभी विमुक्त बच्चों को बाल कल्याण समिति, मुंगेर के समक्ष प्रस्तुत कर बाल सुधार गृह भेज दिया गया. बाल एवं किशोर श्रम (प्रतिषेध एवं विनियमन) अधिनियम, 1986 के तहत संबंधित नियोजकों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कराई गई. श्रम अधीक्षक सत्य प्रकाश ने बताया कि जिले में बाल श्रम के खिलाफ लगातार अभियान जारी रहेगा. वित्तीय वर्ष 2025-26 में अबतक कुल 37 बाल श्रमिकों को मुक्त कराया जा चुका है. उन्होंने स्पष्ट किया कि बच्चों से कार्य कराना कानूनन अपराध है. बाल श्रमिक से काम कराने पर 20 हजार से 50 हजार रुपये तक जुर्माना व दो वर्ष तक कारावास का प्रावधान है. साथ ही सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशानुसार नियोजक से 20 हजार रुपये वसूल किये जाने का भी प्रावधान है. इस अभियान में श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी तारापुर कुमार रमन, असरगंज कुमार अमन, परिवार विकास एनजीओ की सदस्य पिंकी कुमारी एवं पुलिस बल की अहम भूमिका रही.

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Published by: Anand kumar

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