दंड प्रणाम यात्रा पर निकले महंत अभिराम दास समेत दर्जनों श्रद्धालु असरगंज. एक ओर जहां लोग पूस में हाड़ कंपा देने वाली ठंड के कारण अपने-अपने घरों में दुबके हुए हैं. वहीं असरगंज के कच्चे कांवरिया पथ पर आस्था व तपस्या का दुर्लभ दृश्य देखने को मिला, जब बद्री विशाल धाम के महंत अभिराम दास ने कड़ाके की ठंड और तेज पछुआ हवा के बीच दंड प्रणाम यात्रा शुरू की. बद्रीनाथ से सुल्तानगंज आकर उत्तरवाहिनी गंगा पहुंचकर जल भरने के बाद वे अपने दर्जनभर सहयोगियों के साथ करीब 105 किलोमीटर की कठिन यात्रा पर देवघर के लिए रवाना हुए, जहां बाबा बैद्यनाथ का जलाभिषेक करेंगे. महंत अभिराम दास ने बताया कि वर्ष 2019 और 2025 में कैलाश मानसरोवर यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं को भीषण ठंड में दंडवत यात्रा करते देखा था. वहीं से हमें यह प्रेरणा मिली. उन्होंने कहा कि दंड प्रणाम यात्रा केवल यात्रा नहीं, बल्कि अपने पूरे अष्टांग शरीर भगवान को समर्पित कर भक्ति में लीन होने का संकल्प है. हिमालय क्षेत्र में -20 से -25 डिग्री तापमान में रहने के अभ्यस्त महंत जी के लिए यह यात्रा तप और आस्था का संगम है. महंत ने इस दौरान गौ संरक्षण का संदेश भी दिया. उन्होंने कहा कि हर घर में एक गाय पालनी चाहिए और इस ठंड में सड़कों पर भटकती गौ माताओं के लिए चारे की व्यवस्था होनी चाहिए. उन्होंने गौ माता को राष्ट्रीय माता घोषित किए जाने की कामना जतायी. उन्होंने बताया कि उनकी प्रारंभिक शिक्षा बनारस के पातालपुरी मठ में हुई और वर्तमान में वे बद्री विशाल–केदारनाथ धाम क्षेत्र में साधना कर रहे हैं. वहीं समस्तीपुर से आए कुछ कांवरियों ने कच्ची कांवरिया पथ पर जगह-जगह फैली गंदगी पर नाराजगी जतायी और कहा कि इससे दंड यात्रा करने वाले शिवभक्तों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.
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