20 पिस्टल बनाने का मिला था ठेका, प्रति पिस्टल मिलता था तीन हजार

मुफस्सिल थाना पुलिस ने गंगापार टीकारामपुर मखना अगरसिया बहियार में शनिवार को मिनी गन फैक्टरी का उद्भेदन कर तीन कारीगरों को गिरफ्तार किया.

मुंगेर. मुफस्सिल थाना पुलिस ने गंगापार टीकारामपुर मखना अगरसिया बहियार में शनिवार को मिनी गन फैक्टरी का उद्भेदन कर तीन कारीगरों को गिरफ्तार किया. हालांकि इस दौरान हथियार बनवाने वाला ठेकेदार व तीन अन्य कारीगर घास के जंगल का बहाना बनाकर भागने में सफल रहा. लेकिन जिसकी गिरफ्तारी हुई, उसने पूछताछ के दौरान कई रहस्यों पर से पर्दा उठाया. इसमें बताया गया ठेका पर वहां पिस्टल बनाया जा रह था और प्रति पिस्टल तीन हजार की राशि का भुगतान किया जाता था.

20 पिस्टल बनाने का मिला था ऑडर

पुलिस ने मौके पर से मिर्जापुर बरदह निवासी मो नौसाद उर्फ भोकचू, मो शमशाद और मो शजमूल उर्फ छोटू को गिरफ्तार किया. उसने पूछताछ में बताया कि वे लोग हथियार कारीगर हैं. वे ठेकेदार के लिए हथियार बनाते हैं. उसके ग्रुप में एक दर्जन हथियार कारीगर हैं. जितना हथियार बनाने का ठेका मिलता है उस हिसाब से कारीगर को लगाया जाता है. जिस ठेकेदार के लिए हथियार बना रहा था उसने 20 हथियार बनाने का ठेका दिया था. ठेकेदार से प्रति हथियार के लिए तीन हजार रुपये में सौदा तय हुआ था. हमलोग छह कारीगर मिलकर हथियार को तैयार कर रहे थे. आर्डर के हिसाब से 20 हथियारों में सात हथियार तैयार हो चुके थे, सिर्फ फिनिसिंग टच देना था. लेकिन तभी पुलिस ने रेड कर डाला.

ठेकेदार और कारीगरों की गिरफ्तारी को लेकर हो रही छापेमारी

बताया गया कि पुलिस जब छापेमारी करने पहुंची तो वहां पर ठेकेदार भी था. लेकिन वह घास के जंगल का सहारा लेकर फरार हो गया. जबकि तीन कारीगर भी घास के जंगल का सहारा लेकर भाग गये. गिरफ्तार करीगरों ने ठेकेदार और फरार होने वाले कारीगरों का नाम व पता पुलिस को बताया. सभी मिर्जापुर बरदह गांव का रहने वाला है. जिसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस छापेमारी कर रही है.

इन हथियार व साम्रगी की हुई बरामदगी

पुलिस ने कुल पांच मिनीगन फैक्टरी का उद्भेदन किया. जो समान पकड़ा गया है उसमें 7 अर्धनिर्मित पिस्टल है. जो फिनिसिंग स्टेज में था. जबकि 2 मैगजीन बन चुका था और 14 मैगजीन अर्धनिर्मित है. पुलिस ने 5 बेस मशीन, 2 हैंड ड्रील मशीन, 5 पिस्टल का स्लाईडर, 2 अर्धनिर्मित बैरल, हैंड डाय, मैगजीन फर्मा, साइकिल का फ्रॉक, 3 मोबाइल सहित हथियार बनाने के अन्य छोटे-बड़े औजार शामिल है.

कच्चा माल से लेकर खाना तक देता है ठेकेदार

मुंगेर. बताया गया कि जो भी हथियार तस्कर कारीगरों को हथियार बनाने का आर्डर देता है. वह करीगरों को हथियार बनाने के लिए कच्चा माल भी उपलब्ध कराता है. जबकि मशीन व उपकरण भी वह ठेकेदार देता है. इतना ही नहीं कम समय में हथियार की आपूर्ति लेने के लिए कारीगरों को खाना उपलब्ध करना ठेकेदार का काम है.

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Published by: Birendra kumar sing

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