छात्राओं ने सीखा ठोस अपशिष्ट कचरा प्रबंधन के गुर

हम कचरों से जैविक खाद का निर्माण कर सकते हैं.

मुंगेर बीआर महिला महाविद्यालय में एनएसएस इकाई और नगर निगम की सहयोगी संस्था आईटीसी मिशन सुनहरा कल के एचएचआईडीएस ने सोमवार को ठोस अवशिष्ट कचरा प्रबंधन पर कार्यशाला का आयोजन किया. अध्यक्षता प्रभारी प्राचार्य प्रो. अजीत कुमार ठाकुर ने की. एचएचआईडीएस के प्रयोजना समन्वयक रूपेश कुमार ने छात्राओं को ठोस अपशिष्ट कचरा प्रबंधन एवं कचरे का सही निष्पादन की जानकारी दी. उन्होंने छात्रों को बताया कि कचरा तीन प्रकार का होता है. जिसमें गीला कचरा, सूखा कचरा और हानिकारक कचरा शामिल है. इन तीन प्रकार के कचरों के लिए तीन प्रकार के कचरे के डब्बे का प्रयोग किया जाता है. नीले रंग का डब्बा सूखे कचरे, हरे रंग का डब्बा गीले कचरे तथा पीले रंग का डब्बा हानिकारक कचरे को रखने के लिये होता है. हम कचरों से जैविक खाद का निर्माण कर सकते हैं. घर के अवशिष्ट पदार्थ आदि को हम फेंक देते हैं, किंतु यदि उन्हें एक डब्बा बंद वस्तु में संग्रहित करें तो 30 से 32 दिनों के बाद वह जैविक खाद बन जाता है. इससे घरों में विभिन्न तरह के फल, फूल, सब्जियों के पौधे में जैविक खाद के रूप में इस्तेमाल कर सकते हैं. एनएसएस पीओ डॉ वंदना कुमारी ने बताया कि आधुनिक युग प्रबंधन का युग है. कूडे-कचरे को भी हम प्रबंधित करके उसको पुनः रीसाइक्लिंग विधि से विभिन्न कामों में इस्तेमाल कर सकते हैं. मौके पर प्रो. कंचन गुप्ता, सामुहिक उत्प्रेरक निर्मला कुमारी, पप्पू कुमार, छात्रा तान्या, सपना, रजनी, प्रियंका, मोनिका, खुशी आदि मौजूद थी.

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By Prabhat Khabar News Desk

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