सच्चे मन से की गयी भक्ति कभी व्यर्थ नहीं जाती : रामावतार शास्त्री

श्रीरामनगर कहुआ स्थित नवनिर्मित ठाकुरबाड़ी परिसर में आयोजित नौ दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ के तीसरे दिन शनिवार को भक्तों की भीड़ उमड़ पड़ी

संग्रामपुर. प्रखंड क्षेत्र की दीदारगंज पंचायत अंतर्गत श्रीरामनगर कहुआ स्थित नवनिर्मित ठाकुरबाड़ी परिसर में आयोजित नौ दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ के तीसरे दिन शनिवार को भक्तों की भीड़ उमड़ पड़ी. भगवान नर्मदेश्वर महादेव के प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव के अवसर पर चल रहे इस कथा में बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित होकर कथा का श्रवण किया. वृंदावन से पधारे कथा व्यास रामावतार शास्त्री जी महाराज ने अपने प्रवचन में सृष्टि की रचना, भगवान के 24 अवतारों की महिमा, भक्त विदुर और महात्मा मैत्रेय के संवाद के साथ ध्रुव चरित्र का वर्णन किया. उन्होंने कहा कि जब-जब पृथ्वी पर धर्म की हानि और अधर्म का विस्तार होता है, तब-तब भगवान विभिन्न रूपों में अवतार लेकर साधु-संतों की रक्षा करते हैं और धर्म की पुनर्स्थापना करते हैं. ध्रुव चरित्र के माध्यम से उन्होंने अटूट भक्ति, दृढ़ संकल्प और भगवान के प्रति समर्पण का संदेश दिया. उन्होंने कहा कि सच्चे मन और निष्कपट भाव से की गई भक्ति कभी व्यर्थ नहीं जाती. वहीं रामखेलावन शर्मा ने कथा का सार प्रस्तुत करते हुए कहा कि भगवान केवल प्रेम, निष्ठा और समर्पण के भूखे हैं. कथा के दौरान मुख्य यजमान रामखेलावन शर्मा एवं उनकी धर्मपत्नी श्रीमती रेणु शर्मा थे. भागवत कथा को लेकर पूरा वातावरण भजन, मंत्रोच्चार और जयघोष से गूंजता रहा. वहीं आयोजन समिति द्वारा श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए समुचित व्यवस्था की गई है.

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Published by: Anand kumar

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