Asarganj Kanwariya Path 2026 : सावन का महीना और असरगंज का कच्चा कांवरिया पथ... चारों तरफ आस्था, भक्ति और श्रद्धा का ऐसा जनसैलाब नजर आया कि राहगीर भी कुछ देर ठहरकर शिवभक्तों की भक्ति अपनी आंखों में कैद करते रहे. श्रद्धा का एक ऐसा ही दृश्य जब राहगीरों ने देखा तो अपलक बस उसे निहारते ही रह गये. वास्तव में दृश्य ही कुछ ऐसा था कि श्रद्धा के आगे भार एवं दूरी कम पड़ गयी थी. जी हां, हम बात कर रहे हैं कि भागलपुर के एक कांवरिया संजीव कुमार की, जिन्होंने अपने कांधे पर 50 किलो का विशाल जगन्नाथ कांवर लिये बाबाधाम जा रहे हैं. उनके चेहरे पर कोई थकान नहीं, बल्कि आंखों में श्रद्धा, निष्ठा और विश्वास साफ झलक रहे थे.
10 दिन में खुद तैयार किया 50 किलो का कांवर
संजीव कुमार ने बताया कि उन्होंने बाबा जगन्नाथ की विशेष कांवर को खुद तैयार किया है. इसे तैयार करने में करीब 10 दिन का समय लगा. 50 किलो वजन के इस कांवर को लेकर लंबी दूरी की पैदल यात्रा करना आसान नहीं है, लेकिन बाबा भोलेनाथ के प्रति आस्था और विश्वास ने उनके हौसले को मजबूत बनाए रखा है.
कच्चे कांवरिया पथ पर संजीव और उनके जत्थे के पहुंचते ही आसपास मौजूद श्रद्धालुओं में उत्साह बढ़ गया. कांवरिया लगातार बोल बम और हर-हर महादेव के जयकारे लगाते हुए बाबा बैद्यनाथ धाम की ओर बढ़ते रहे. वहीं श्रद्धालुओं ने जय बाबा जगन्नाथ के जयकारे भी लगाए.
जयघोष से गूंजता रहा कच्चा कांवरिया पथ
कच्चे रास्ते पर तपती बालू और तेज धूप के बावजूद कांवरियों के कदम लगातार आगे बढ़ते रहे. किसी के कंधे पर सामान्य कांवर थी तो कोई आकर्षक और विशाल कांवर लेकर बाबा धाम की यात्रा कर रहा था.
शिवभक्तों के जयघोष से पूरा कांवरिया पथ शिवमय नजर आया. थकान और गर्मी के बीच भी श्रद्धालुओं की आस्था और उत्साह में कोई कमी नहीं दिखी. सावन की दूसरी सोमवारी पर कांवरिया पथ पर श्रद्धा और भक्ति का अद्भुत नजारा देखने को मिला.
तेज धूप में गश खाकर गिरा पांच वर्षीय कांवरिया
सावन की दूसरी सोमवारी पर कांवरियों की अप्रत्याशित भीड़ के बीच तेज धूप और तपती बालू ने श्रद्धालुओं की परेशानी भी बढ़ाई. इसी दौरान शाहकुंड मोड़ के समीप एक पांच वर्षीय बालक कांवरिया अचेत होकर गिर पड़ा.
पटना जिले के नौबतपुर निवासी परजय कुमार का पांच वर्षीय पुत्र सत्यम कुमार अपने परिवार के साथ कांवर लेकर बाबा बैद्यनाथ धाम जा रहा था. अत्यधिक धूप और तेज बुखार के कारण वह शाहकुंड मोड़ के पास अचानक अचेत होकर गिर पड़ा.
अस्थायी शिविर में प्राथमिक उपचार के बाद अस्पताल पहुंचाया
बालक के अचेत होकर गिरने के बाद आसपास मौजूद लोगों ने उसे तत्काल अस्थायी चिकित्सा शिविर पहुंचाया. प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए उसे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लाया गया.
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में बालक का इलाज कर रहीं डॉ. कामिनी ने बताया कि सत्यम को तेज बुखार था, जिसके कारण वह अचेत होकर गिर पड़ा. उपचार के बाद उसकी स्थिति में सुधार है.
सावन के दौरान कच्चे कांवरिया पथ पर उमड़ रही भीड़ और तेज धूप को देखते हुए श्रद्धालुओं को लगातार सावधानी बरतने की जरूरत है. खासकर बच्चों, बुजुर्गों और कमजोर कांवरियों को धूप से बचाने तथा समय-समय पर पानी और आराम देने पर विशेष ध्यान जरूरी है.
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