मुंगेर सशक्त यूजीसी रेगुलेशन्स लागू करने और शैक्षणिक संस्थानों को जातीय भेदभाव व उत्पीड़न मुक्त बनाने एवं बिहार में एससी-एसटी-ईबीसी-बीसी के लिए 65 प्रतिशत आरक्षण लागू करने के मुद्दे को लेकर 18 मार्च को पटना में “समता महाजुटान और मार्च ” आयोजित किया गया है. जिसमें गांधी मैदान से जुटकर राजभवन तक मार्च किया जायेगा. ये बातें फोरम के राज्य संयोजक रिंकु यादव ने मुंगेर में पत्रकारों से बातचीत करते हुए कही. उन्होंने कहा कि बहुजनों को सम्मान, हर क्षेत्र में हर स्तर पर उचित हिस्सेदारी और बराबरी की लड़ाई को निर्णायक बनाना ही होगा. इसके लिए एकजुट होना जरूरी है. यह संविधान बचाने और नये भारत के निर्माण की लड़ाई है. उन्होंने कहा कि 74 आंदोलन में 18 मार्च ऐतिहासिक दिन रहा है. इस दिन फिर से नया इतिहास रचा जाएगा. बिहार को सामाजिक न्याय व लोकतंत्र के कब्रगाह में बदलने और कॉरपोरेट लूट का अड्डा बनाने के साथ 1990 से पीछे ले जाने की भाजपाई साजिश के खिलाफ भी जंग के नये दौर का एलान होगा. सामाजिक न्याय आंदोलन(बिहार) के राज्य उपाध्यक्ष विनय कुमार सिंह ने कहा कि पटना में आयोजित समता महाजुटान और मार्च में निजी क्षेत्र और हाईकोर्ट -सुप्रीम कोर्ट में एससी-एसटी-ओबीसी को आबादी के अनुपात में आरक्षण, जाति जनगणना को समयबद्ध व पारदर्शी तरीके से कराने की मांगों को भी बुलंद किया जाएगा. मौके पर इंकलाबी नौजवान सभा के सुमित यादव, आइसा के सुमित कुमार, मुकेश कुमार, अवधेश पासवान सहित अन्य मौजुद थे.
सशक्त यूजीसी रेगुलेशन्स लागू करने को लेकर पटना में होगा समता महाजुटान व मार्च
संविधान बचाने और नये भारत के निर्माण की लड़ाई है.
