अंधकार से प्रकाश में ले जाते हैं सद्गुरु : स्वामी आत्मशोधक बाबा

लक्ष्मणपुर स्थित संतमत सत्संग आश्रम में चल रहे सात दिवसीय ध्यान साधना शिविर के छठे दिन शनिवार को बड़ी संख्या में सत्संगी उपस्थित हुए

जमालपुर.

लक्ष्मणपुर स्थित संतमत सत्संग आश्रम में चल रहे सात दिवसीय ध्यान साधना शिविर के छठे दिन शनिवार को बड़ी संख्या में सत्संगी उपस्थित हुए. प्रवचन के कार्यक्रम में राजगीर से पधारे महात्मा स्वामी आत्मशोधक बाबा ने कहा कि सद्गुरु हमें अंधकार से प्रकाश की ओर ले जाते हैं. शास्त्रों को समझने के लिए ज्ञान की आवश्यकता होती है. यह मनुष्य शरीर ही ध्यान साधना करने का घर व मोक्ष का द्वार है. बड़े भाग्य से यह मनुष्य शरीर मिलता है. इस संसार में सत्संग करना सबसे श्रेष्ठ कार्य है. उन्होंने कहा कि इस संसार में सत्संग से बढ़कर दूसरा कोई पुण्य का कार्य नहीं है. संतों का संघ करना ही प्रथम भक्ति की श्रेणी में आता है और सत्संग से प्रेम करना दूसरी भक्ति है. जो व्यक्ति संसार से अनासक्त होकर सत्संग भजन करते हैं और सांसारिक कार्य करते हुए भी अपने को सत्संग और सतगुरु से जोड़कर रखते हैं. उनकी कभी अधोगति नहीं होती है. पहाड़ के सामान फैला हुआ पाप भी सत्संग से नष्ट हो जाता है. मंच संचालन करते हुए आश्रम के सचिव प्रताप मंडल ने कहा कि सात दिवसीय ध्यान साधना शिविर का समापन रविवार को होगा. उन्होंने बताया कि 28 फरवरी व 1 मार्च को दो दिवसीय बहुत क्षेत्रीय मासिक सत्संग का सातवां आयोजन भी इसी आश्रम में होगा. मौके पर शंभू बाबा, जगदीश बाबा, दिनेश बाबा, हृदय नारायण बाबा, मेघनाथ बाबा, अभिनंदन बाबा, प्रताप मंडल, महेश पासवान, राजेंद्र साहू, राजन कुमार चौरसिया, मनोज तांती, राजेंद्र दास, सीताराम रावत, कैलाश तांती, द्रौपदी देवी, पुतुल देवी, शांति देवी, कौशल्या देवी, गीत देवी आदि मौजूद थी.

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Author: RANA GAURI SHAN

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