मुंगेर सदर अस्पताल में 24x7 जांच व्यवस्था बेपटरी, एक्स-रे ठप और 25 दिनों से थायराइड मशीन खराब

मुंगेर सदर अस्पताल की 24x7 जांच व्यवस्था फिर सवालों के घेरे में है. एक्स-रे मशीन के ट्रांसफार्मर जलने से जांच पूरी तरह ठप हो गई है, जबकि थायराइड जांच मशीन 25 दिनों से खराब है. इससे मरीजों को बाहर निजी केंद्रों पर पैसे खर्च करने पड़ रहे हैं.

मुंगेर सदर अस्पताल की 24x7 जांच व्यवस्था पर एक बार फिर सवाल खड़े हो गये हैं. पीपीपी मोड पर संचालित जांच केंद्रों में मशीनों की खराबी के कारण मरीजों को अस्पताल में जांच की सुविधा नहीं मिल पा रही है. गुरुवार को एक्स-रे मशीन के स्टेबलाइजर में लगा ट्रांसफॉर्मर जल जाने से एक्स-रे जांच पूरी तरह ठप हो गयी. इससे ओपीडी में इलाज कराने पहुंचे करीब 20 मरीजों को बिना जांच कराये लौटना पड़ा, जबकि इमरजेंसी के कई मरीजों को मजबूरी में बाहर पैसे खर्च कर एक्स-रे कराना पड़ा. दूसरी ओर हब एंड स्पोक पैथोलॉजी जांच केंद्र में थायराइड जांच मशीन करीब 25 दिनों से खराब है.

करीब 70 एक्स-रे के बाद अचानक बंद हो गयी मशीन

सदर अस्पताल में पीपीपी मोड पर संचालित एक्स-रे केंद्र में पहले से ही मरीजों की परेशानी कम नहीं थी. करीब एक माह से प्रिंटर खराब होने के कारण मरीजों को एक्स-रे की रिपोर्ट सही तरीके से नहीं मिल पा रही थी.

गुरुवार को करीब 70 मरीजों का एक्स-रे जांच किये जाने के बाद अचानक मशीन के स्टेबलाइजर में लगा ट्रांसफॉर्मर जल गया. इसके बाद एक्स-रे जांच पूरी तरह बंद हो गयी. जांच केंद्र बंद होने से अस्पताल में इलाज कराने पहुंचे मरीजों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा.

ओपीडी में पहुंचे करीब 20 मरीजों को बिना एक्स-रे कराये वापस लौटना पड़ा. वहीं इमरजेंसी वार्ड में पहुंचे कई मरीजों को तत्काल जरूरत होने के कारण बाहर निजी केंद्रों में पैसे देकर जांच करानी पड़ी.

25 दिनों से थायराइड जांच बंद, बाहर जा रहे मरीज

सदर अस्पताल में पैथोलॉजी जांच व्यवस्था को बेहतर बनाने के उद्देश्य से जून माह में पीपीपी मोड पर हब एंड स्पोक पैथोलॉजी जांच केंद्र शुरू किया गया था. यहां करीब 154 प्रकार की जांच की सुविधा उपलब्ध कराने की व्यवस्था है.

लेकिन इस केंद्र में थायराइड जांच मशीन करीब 25 दिनों से खराब पड़ी है. इसके कारण अस्पताल पहुंचने वाले मरीजों को थायराइड जांच के लिए निजी जांच केंद्रों का रुख करना पड़ रहा है.

खास बात यह है कि सदर अस्पताल में लंबे इंतजार के बाद पीपीपी मोड पर थायराइड जांच की सुविधा शुरू हुई थी. ऐसे में मशीन के लंबे समय से खराब रहने से मरीजों को सरकारी अस्पताल में मिलने वाली सुविधा का लाभ नहीं मिल पा रहा है.

सरकारी अस्पताल में जांच के लिए पहुंचे, बाहर खर्च करने पड़े पैसे

एक तरफ सरकार अस्पतालों में आधुनिक जांच सुविधाएं उपलब्ध कराने और मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवा देने पर जोर दे रही है, वहीं मशीनों की खराबी के कारण मरीजों को निजी जांच केंद्रों पर निर्भर होना पड़ रहा है.

सबसे ज्यादा परेशानी इमरजेंसी मरीजों को होती है, जिन्हें तत्काल जांच की जरूरत होती है. एक्स-रे केंद्र बंद होने के बाद ऐसे मरीजों को अस्पताल परिसर से बाहर जाकर जांच करानी पड़ रही है. इससे इलाज में देरी के साथ मरीजों की जेब पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ भी पड़ रहा है.

एजेंसी को मशीन ठीक कराने का निर्देश

मामले को लेकर सिविल सर्जन डॉ राजू ने बताया कि एक्स-रे और पैथोलॉजी जांच केंद्र की संबंधित एजेंसी को जल्द से जल्द खराब मशीन ठीक कराने का निर्देश दिया गया है. उन्होंने कहा कि यदि एजेंसी ने समय पर मशीन दुरुस्त नहीं करायी तो उसके भुगतान पर रोक लगायी जायेगी.

अब देखना होगा कि अस्पताल प्रबंधन के निर्देश के बाद दोनों जांच केंद्रों की व्यवस्था कब तक पटरी पर लौटती है और मरीजों को दोबारा अस्पताल में ही जरूरी जांच की सुविधा मिल पाती है.


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लेखक के बारे में

By अमित झा

अमित झा प्रिंट माध्यम में 06 वर्षों से और डिजिटल माध्यम में पिछले 3 सालों से पत्रकारिता में एक्टिव हैं. सामाजिक कार्यों, शिक्षा, राजनीति व खेल में रुचि रखते हैं.

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