4 साल बाद मुंगेर सदर अस्पताल को मिला हड्डी सर्जन, अब शुरू होगी ऑपरेशन की सुविधा, रेफरल मामलों में आएगी कमी

मुंगेर सदर अस्पताल को चार साल के लंबे इंतजार के बाद आखिरकार हड्डी सर्जन डॉ. आजिंक्या गौतम मिल गए हैं। उनके योगदान से अब सड़क दुर्घटनाओं और अन्य चोटों से पीड़ित मरीजों को बेहतर इलाज स्थानीय स्तर पर ही मिलेगा।

करीब चार साल के लंबे इंतजार के बाद मुंगेर सदर अस्पताल को सरकार की ओर से हड्डी सर्जन मिल गया है. इससे सड़क दुर्घटना, मारपीट और अन्य घटनाओं में घायल हड्डी के मरीजों को अब बेहतर इलाज के लिए दूसरे अस्पतालों में रेफर होने से राहत मिलने की उम्मीद है. हड्डी सर्जन के योगदान के बाद सदर अस्पताल में जल्द ही हड्डी से संबंधित ऑपरेशन की सुविधा भी शुरू करने की तैयारी की जा रही है. इससे मरीजों को स्थानीय स्तर पर इलाज मिलने के साथ अस्पताल से होने वाले रेफरल मामलों में भी कमी आने की संभावना है.

डॉ आजिंक्या गौतम ने दिया योगदान

सिविल सर्जन डॉ. राजू ने बताया कि सरकार की ओर से सदर अस्पताल को हड्डी सर्जन के रूप में डॉ. आजिंक्या गौतम मिले हैं. उन्होंने अस्पताल में योगदान दे दिया है. सर्जन के योगदान के बाद अस्पताल उपाधीक्षक को उनकी ड्यूटी ओपीडी, सर्जरी विभाग और ऑपरेशन थिएटर में लगाने का निर्देश दिया गया है.

इससे हड्डी संबंधी समस्या लेकर सदर अस्पताल पहुंचने वाले मरीजों की जांच और उपचार की सुविधा अस्पताल में ही उपलब्ध हो सकेगी. खासकर दुर्घटना और मारपीट में घायल मरीजों को इसका सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है.

जल्द शुरू होगी हड्डी के ऑपरेशन की सुविधा

हड्डी सर्जन के योगदान के बाद सदर अस्पताल में ऑपरेशन की सुविधा शुरू करने की तैयारी भी तेज कर दी गई है. सिविल सर्जन ने अस्पताल उपाधीक्षक को मॉडल अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में बने माइनर ओटी को तैयार करने का निर्देश दिया है. इसी ओटी में हड्डी से संबंधित मरीजों के ऑपरेशन की सुविधा शुरू की जाएगी.

अस्पताल प्रबंधन की तैयारी पूरी होने के बाद जरूरत के अनुसार मरीजों का ऑपरेशन सदर अस्पताल में ही किया जा सकेगा. इससे मरीजों और उनके परिजनों को इलाज के लिए दूसरे शहरों की ओर जाने की परेशानी कम होगी.

अब हड्डी के मरीजों को नहीं करना पड़ेगा रेफरल का इंतजार

अब तक सदर अस्पताल में हड्डी सर्जन उपलब्ध नहीं होने के कारण सड़क दुर्घटना, मारपीट और अन्य घटनाओं में घायल कई मरीजों को प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए रेफर करना पड़ता था. इससे मरीजों और उनके परिजनों को आर्थिक और मानसिक परेशानी का सामना करना पड़ता था.

सिविल सर्जन के अनुसार सरकार की ओर से रेफरल मामलों में कमी लाने के लिए विशेष निर्देश दिया गया है. हड्डी सर्जन की उपलब्धता के बाद ऐसे मरीजों को सदर अस्पताल में ही उपचार मिलने की संभावना बढ़ गई है.

सड़क हादसों में घायल मरीजों को सबसे ज्यादा राहत

मुंगेर सदर अस्पताल में हड्डी सर्जन की उपलब्धता का सबसे बड़ा लाभ सड़क दुर्घटना में घायल मरीजों को मिलने की उम्मीद है. दुर्घटना के बाद हड्डी में फ्रैक्चर या अन्य गंभीर चोट वाले मरीजों को अब तत्काल विशेषज्ञ चिकित्सकीय परामर्श मिल सकेगा. जरूरत पड़ने पर अस्पताल में ही ऑपरेशन की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी.

चार साल बाद विशेषज्ञ चिकित्सक मिलने से सदर अस्पताल की स्वास्थ्य सेवाओं को भी मजबूती मिली है. अब अस्पताल प्रबंधन की अगली चुनौती माइनर ओटी को तैयार कर जल्द से जल्द ऑपरेशन सुविधा शुरू करना है.


प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By अमित झा

अमित झा प्रिंट माध्यम में 06 वर्षों से और डिजिटल माध्यम में पिछले 3 सालों से पत्रकारिता में एक्टिव हैं. सामाजिक कार्यों, शिक्षा, राजनीति व खेल में रुचि रखते हैं.

Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >