राजस्व प्राप्ति में पिछड़ा निबंधन विभाग, लक्ष्य से 14.50 प्रतिशत कम रही उपलब्धि

वित्तीय वर्ष 2024-25 में दिया गया था 76.12 करोड़ का लक्ष्य, मात्र 65.85 करोड़ राजस्व की हुई प्राप्ति

वित्तीय वर्ष 2024-25 में दिया गया था 76.12 करोड़ का लक्ष्य, मात्र 65.85 करोड़ राजस्व की हुई प्राप्ति

प्रतिनिधि, मुंगेर.एक अप्रैल से नया वित्तीय वर्ष 2025-26 शुरू हो चुका है और इसके साथ ही राजस्व वसूली में पिछड़ने के कारण पिछले वित्तीय वर्ष 2024-25 का लेखा-जोखा विभागीय स्तर पर देखा जा रहा है. राजस्व को लेकर सरकार के चहेते निबंधन विभाग का मुंगेर जिले में गत वित्तीय वर्ष में परफॉरमेंस बेहतर नहीं रहा. इसके कारण मुंगेर निबंधन कार्यालय इस बार राजस्व वसूली में बुरी तरह से पिछ़ड गया. 76.12 करोड़ राजस्व वसूली के लक्ष्य के विरुद्ध मात्र 65.85 करोड़ रुपये ही राजस्व प्राप्त कर सका है. यानी 10 करोड़ से अधिक राजस्व वसूली से विभाग पीछे रह गया.

वित्तीय वर्ष में 10769 दस्तावेजों का हुआ निबंधन

जिला निबंधन कार्यालय के अधीन मुंगेर जिले में तीन अवर निबंधन कार्यालय संचालित हैं. इसमें मुंगेर सदर, तारापुर व खड़गपुर अनुमंडल शामिल हैं. जिला निबंधन विभाग को वित्तीय वर्ष 2024-25 में 76.12 करोड़ रुपये राजस्व वसूली का लक्ष्य दिया गया था. जब वित्तीय वर्ष की समाप्ति हुई और लेखा-जोखा जारी किया गया तो निबंधन कार्यालय राजस्व वसूली में बुरी तरह से पिछड़ा मिला है. लक्ष्य के खिलाफ विभाग 65 करोड़ 85 लाख 2 हजार 318 रुपये ही राजस्व वसूल पाया, जिसका प्रतिशत मात्र 85.50 रहा. यानी विभाग 14.50 प्रतिशत राजस्व वसूली में पिछड़ गया. इस वित्तीय वर्ष में 10769 दस्तावेजों का निबंधन हुआ और इसमें औसत आय प्रति दस्तावेज ओवर ऑल 60438 रुपये रही.

सबसे खराब रहा मुंगेर मुख्यालय निबंधन कार्यालय का प्रदर्शन

जानकारी के अनुसार तीन अवर निबंधन कार्यालय में सबसे खराब प्रदर्शन मुंगेर मुख्यालय का रहा. मुंगेर मुख्यालय काे 55.54 करोड़ रुपये राजस्व वसूली का लक्ष्य मिला था. इसके विरुद्ध यहां 42 करोड़ 58 लाख 20 हजार 775 रुपये राजस्व की वसूली हुई. इसका प्रतिशत 76.67 प्रतिशत रहा. जबकि खड़गपुर अवर निबंधन कार्यालय को 11.07 करोड़ रुपये राजस्व वसूली का लक्ष्य दिया गया था. इसके विरुद्ध यहां 12 करोड़ 55 लाख 10 हजार 265 रुपये यानी 113.36 प्रतिशत राजस्व की वसूली की गयी. वहीं तारापुर ने 9.51 करोड़ लक्ष्य के विरुद्ध 9 करोड़ 95 लाख 21 हजार 278 रुपये यानी 104.65 प्रतिशत राजस्व की वसूली की.

मार्च में सर्वाधिक 831 दस्तावेजों का हुआ निबंधन

जानकारी के अनुसार पिछले वित्तीय वर्ष में सर्वाधिक मार्च महीने में कारोबार हुआ. मार्च में 831 दस्तावेजों का निबंधन हुआ. इससे ओवर ऑल जिले में 5 करोड़ 68 लाख 64 हजार 725 रुपये के राजस्व की प्राप्ति हुई. इसका प्रतिशत 84.75 है. मार्च में भी कारोबार में सदर मुंगेर और खड़गपुर पिछड़ गया, जबकि तारापुर ने 116.33 प्रतिशत का कारोबार किया.

लगातार पिछड़ रहा जिला निबंधन कार्यालय

बताया गया कि गत वित्तीय वर्ष में प्राप्त राजस्व के आधार पर अगले वित्तीय वर्ष में राजस्व वसूली के लक्ष्य में वृद्धि की जाती है. जिला निबंधन कार्यालय वित्तीय वर्ष 2023-24 में भी राजस्व वसूली में बुरी तरह से पिछड़ गया था. विभाग को 80.17 करोड़ रुपये क लक्ष्य वित्तीय वर्ष में दिया गया था. इसके विरुद्ध विभाग ने 54 करोड़ 95 लाख 35 हजार 565 रुपये राजस्व की वसूली की थी. इसका प्रतिशत सिर्फ 69 प्रतिशत था. इस राजस्व की वसूली को देखते हुए वित्तीय वर्ष 2024-25 में पिछले वर्ष के लक्ष्य से कम 76.12 करोड़ रुपये राजस्व वसूली का लक्ष्य दिया गया गया था, लेकिन इसमें भी विभाग पिछड़ गया है.

कहते हैं अधिकारी

जिला अवर निबंधन पदाधिकारी बैद्यनाथ प्रसाद ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2024-25 में विभाग को 76.12 करोड़ का लक्ष्य दिया गया था. इसके विरुद्ध 85.50 प्रतिशत राजस्व की वसूली की गयी. आखिर क्यों राजस्व वसूली में हम पिछड़ गये. इस पर विचार-विमर्श किया जा रहा है.

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Published by: Birendra kumar sing

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