Railway Privatization Protest Jamalpur: रेलवे में निजीकरण के मुद्दे को लेकर ईस्टर्न रेलवे मेंस यूनियन ने एक बार फिर विरोध का बिगुल फूंक दिया है. यूनियन ने रेलकर्मियों से एकजुट होकर रेलवे के निजीकरण का विरोध करने की अपील की है. बुधवार को रिजर्व लॉन्ज जमालपुर में ईस्टर्न रेलवे मेंस यूनियन ओपन लाइन ब्रांच जमालपुर की शाखा परिषद की बैठक में रेलवे की मौजूदा कार्यप्रणाली, खाली पदों और कर्मचारियों पर बढ़ते काम के दबाव जैसे मुद्दे उठाये गये.
बैठक की अध्यक्षता शाखा अध्यक्ष बृज गोपाल ने की, जबकि संचालन शाखा सचिव केडी यादव ने किया. केंद्रीय महामंत्री अमित कुमार घोष मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहे.
‘रेल बचाने के लिए सभी रेलकर्मियों को होना होगा एकजुट’
केंद्रीय महामंत्री अमित कुमार घोष ने कहा कि रेलवे को बचाने के लिए सभी रेलकर्मियों को एकजुट होकर प्रयास करना होगा. उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की ओर से रेलवे के निजीकरण को लेकर कुछ और कहा जाता है, जबकि जमीनी स्तर पर अलग तस्वीर दिखाई दे रही है.
उन्होंने कहा कि लोको शेड, कैरिज एंड वैगन इंजीनियरिंग और परिचालन जैसे क्षेत्रों में निजीकरण की प्रक्रिया आगे बढ़ रही है. यूनियन इसे स्वीकार नहीं करेगी और इसके खिलाफ रेलकर्मियों को एकजुट होकर आवाज उठानी होगी.
खाली पद नहीं भरे जा रहे, नयी ट्रेनें चलाने का आरोप
शाखा सचिव केडी यादव ने कहा कि एक ओर प्रधानमंत्री और रेल मंत्री रेलवे के निजीकरण नहीं होने की बात कहते हैं, वहीं दूसरी ओर रेलवे के अलग-अलग विभागों में निजीकरण किया जा रहा है. उन्होंने लोको शेड, कैरिज एंड वैगन इंजीनियरिंग और परिचालन समेत विभिन्न विभागों का उल्लेख करते हुए इस पर सवाल उठाया.
उन्होंने रेलवे में खाली पड़े पदों को नहीं भरने का मुद्दा भी उठाया. उनका कहना था कि कर्मचारियों की कमी के बीच नयी-नयी ट्रेनों का परिचालन किया जा रहा है. इससे लोको पायलट और ट्रेन मैनेजर पर अतिरिक्त काम का दबाव पड़ रहा है.
यूनियन पदाधिकारी ने दावा किया कि कर्मचारियों पर बढ़ते काम के बोझ का असर रेल सुरक्षा पर भी पड़ सकता है. उन्होंने रेलवे में पर्याप्त संख्या में कर्मचारियों की नियुक्ति और काम के दबाव को कम करने की जरूरत बतायी.
Railway Privatization Protest Jamalpur: बैठक में आगे की रणनीति पर भी जोर
बैठक में यूनियन पदाधिकारियों ने रेलकर्मियों को संगठन के साथ मजबूती से खड़े रहने और रेलवे से जुड़े मुद्दों को लेकर एकजुट रहने का आह्वान किया. निजीकरण, खाली पदों और कर्मचारियों पर बढ़ते काम के दबाव को लेकर यूनियन ने अपनी चिंता सामने रखी.
बैठक में केंद्रीय सहायक महामंत्री सुधीर राय, रूपतन दास, केंद्रीय वित्त सचिव कृष्णनेंदु मुखर्जी, केंद्रीय संगठन मंत्री सत्यजीत कुमार, अनिल प्रसाद यादव और एआईआरएफ वर्किंग कमेटी के वीरेंद्र यादव मौजूद रहे. शाखा के पदाधिकारियों में रंजन कुमार सिंह, एचडी मंडल, प्रमोद रंजन, सुबोध रंजन, नवल किशोर भारती, रवि शंकर यादव, चंदन कुमार और राजेश कुमार सहित अन्य शामिल हुए.
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