बरियारपुर बरियारपुर रेलवे ओवरब्रिज के दोनों किनारे मिट्टी का जमावड़ा एवं पेड़-पौधे उगने से उसके अस्तित्व पर खतरा मंडरा रहा है. उस खतरा का असर भागलपुर विक्रमशिला पुल की तरह बरियारपुर में भी देखने को मिल सकती है. अगर समय रहते उसकी साफ-सफाई नहीं कराई गई यह पुल भी क्षतिग्रस्त हो सकता है और पुल से वाहनों की आवाजाही पर विराम लग सकती है. जानकारी के अनुसार किसी भी पुल पर मिट्टी का जमाव एवं गाछ के उगने से पुल कमजोर होने लगती है और गाछ जब बड़ा होने लगती है तो पुल के दीवार में दरार पैदा कर देती है. जिससे पकड़ कमजोर हो जाती है. पुल के दोनों किनारों पर मिट्टी का जमाव होने से हमेशा नमी बनी रहती है जो पुल की मजबूती को कमजोर बनाती है. जब से रेलवे ओवर ब्रिज का निर्माण हुआ है तब से आजतक कभी भी मेंटेनेंस के तहत सफाई नहीं की गई है. जिसके कारण पुल के दोनों किनारों पर मिट्टी जमाव एवं गाछ उगते जा रहे हैं. जबकि यह रेलवे ओवर ब्रिज बरियारपुर से होकर गुजरने वाली गाड़ियों के लिए महत्वपूर्ण स्थान रखती है. क्योंकि पुल मुंगेर, भागलपुर एवं खड़गपुर दिशा में जाने के लिए लाइफलाइन का काम करती है. यदि पुल क्षतिग्रस्त होता है तो 20 से 30 किलोमीटर की अधिक दूरी तय करनी पड़ेगी. जिससे यात्री वाहनों के साथ ही मालवाहक वाहन को भी अधिक खर्च करना पड़ेगा.
रेलवे ओवरब्रिज किनारे मिट्टी का जमावड़ा व उगे पेड़ से अस्तित्व पर खतरा
रेलवे ओवर ब्रिज का निर्माण हुआ है तब से आजतक कभी भी मेंटेनेंस के तहत सफाई नहीं की गई है. जिसके कारण पुल के दोनों किनारों पर मिट्टी जमाव एवं गाछ उगते जा रहे हैं.
