बीते दिनों स्वास्थ्य विभाग की ओर से राज्य में कई जीएनएम का स्थानांतरण किया गया. हलांकि इसे विभाग अब एक जून से प्रभावी कर दिया गया है, लेकिन इसमें मुंगेर जिले के उन जीएनएम का भी नाम है जो एक साल पहले ही जांच में फर्जी पाये गये थे और उनके विरूद्ध जिला स्वास्थ्य विभाग द्वारा थाने में प्राथमिकी भी दर्ज करायी गयी है. ऐसे में अब स्वास्थ्य विभाग के कार्य पर भी सवाल उठने शुरू हो गये हैं. बता दें कि बीते दिनों स्वास्थ्य विभाग द्वारा आदेश संख्या-284 (6बी.) एवं 285 (6बी.) दिनांक 26 मार्च 2026 के तहत बिहार परिचारिका संवर्ग के 1220 जीएनएमकर्मियों का तबादला किया. हलांकि बाद में एक अन्य अधिसूचना जारी कर स्वास्थ्य विभाग ने इसे एक जून 2026 से प्रभावी कर दिया, लेकिन इस अधिसूचना में कई ऐसे जीएनएम के नाम भी हैं जो पूर्व में मुंगेर जिले में जांच के दौरान फर्जी दस्तावेज पर नौकरी करते पायी गयी थी. वहीं विभागीय निर्देश के बाद ही जिला स्वास्थ्य विभाग द्वारा इन जीएनएम पर संबंधित प्रखंड थाना में प्राथमिकी भी दर्ज करायी गयी है.
फर्जी डिग्री के आरोपितों की नई पोस्टिंग
बता दें कि मुंगेर में जनवरी 2025 में करीब 20 जीएनएम के खिलाफ फर्जी डिग्री के मामले में प्राथमिकी दर्ज की गई थी. इसके बावजूद स्थानांतरण सूची में शामिल तीन कर्मियों को बड़े अस्पतालों में पोस्टिंग दी गई है. सूची के अनुसार सरिता कुमारी (क्रमांक 874) का तबादला पीएमसीएच पटना किया गया है जबकि सरवेज आलम (क्रमांक 875) को सदर अस्पताल हाजीपुर, वैशाली भेजा गया है. वहीं संगीता कुमारी (क्रमांक 1001) को अनुमंडलीय अस्पताल शेरघाटी, गया में पदस्थापित किया गया है. तीनों पहले मुंगेर जिले के धरहरा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में कार्यरत थे और इन पर फर्जी डिग्री के आधार पर नौकरी करने का आरोप है.
जांच में 20 जीएनएम की डिग्री मिली थी फर्जी
बिहार परिचारिका निबंधन परिषद की जांच में मुंगेर जिले के 20 जीएनएम की डिग्री फर्जी पाई गई थी. तत्कालीन सिविल सर्जन डॉ. पीएम सहाय ने 23 जुलाई 2024 को पत्र जारी कर 2020 से 2022 के बीच नियुक्त 86 जीएनएम के प्रमाण पत्रों की जांच कराई थी. जांच में धरहरा, तारापुर, संग्रामपुर और सदर अस्पताल के कई कर्मियों के प्रमाणपत्र फर्जी पाए गए थे. धरहरा सीएचसी के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. अविनाश कुमार ने 24 जनवरी 2025 को धरहरा थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई थी. इसमें सात कर्मियों को नामजद किया गया था. जिनमें संगीता कुमारी, सरवेज आलम और सरिता कुमारी भी शामिल हैं.
कहते हैं प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी
प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. अविनाश कुमार ने कहा कि मामला अब हाईकोर्ट में विचाराधीन है. ऐसे में इन कर्मियों का तबादला कैसे हुआ. यह विभाग ही बता सकता है.