राबो पासवान हत्याकांड : मुख्य आरोपित छोटू मंडल के माता-पिता गिरफ्तार

कभी नौवागढ़ी क्षेत्र के लिए आंतक का पर्याय था मृतक राबो पासवान

मुंगेर. मुफस्सिल थाना क्षेत्र के सिल्हा महेशपुर में हुए राबो पासवान हत्याकांड में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए महेश मंडल एवं उसकी पत्नी को गिरफ्तार कर लिया.,जो इस हत्याकांड के मुख्य अभियुक्त छोटू मंडल के माता-पिता हैं. जबकि पुलिस इस हत्याकांड के अन्य नामजदों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी कर रही है.

मुफस्सिल थाना पुलिस ने मनियारचक सिल्हा निवासी मृतक राबो पासवान की पत्नी रानी देवी के फर्द बयान पर प्राथमिकी दर्ज किया है. इसमें 10 लोगों को नामजद किया गया है. प्राथमिकी दर्ज होने के बाद पुलिस नामजदों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी अभियान शुरू कर दी है. मंगलवार की रात पुलिस ने हत्याकांड के मुख्य अभियुक्त मनियाचक टोटहा निवासी छोटू मंडल के घर पर छापेमारी कर उसके पिता महेश मंडल और उसकी मां मंजू देवी को गिरफ्तार किया, जो इस हत्याकांड का नामजद अभियुक्त है. हालांकि मुख्य अपराधी छोटू मंडल की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है. थानाध्यक्ष विपिन कुमार सिंह ने बताया कि हत्याकांड के नामजद दो अभियुक्तों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया.

गोली मार सोमवार की रात राबो पासवान की कर दी गयी थी हत्या

सोमवार की रात राबो पासवान की सिल्हा महेशपुर गांव में घात लगाये अपराधियों ने सिर में गोली मार कर हत्या कर दी थी. हत्या उस समय हुई जब वह भाजपा नेता अमरेश पोद्दार के घर पार्टी से अपने दोस्तों के साथ निकल कर सड़क पर आया था. घर के सामने सड़क पर ही उसके सिर में अपराधी ने गोली मार दी थी.

कभी नौवागढ़ी का आंतक हुआ करता था राबो मंडल

मुंगेर. मुफस्सिल थाना क्षेत्र के मनियाचक सिल्हा निवासी रवि पासवान उर्फ राबो पासवान नौवागढ़ी क्षेत्र का आंतक हुआ करता था. उसके दहशत का आलम यह था कि उसके आतंक पर लगाम लगाने के लिए नौवागढ़ी बाजार में पुलिस पिकेट तक खोलना पड़ा था. हालांकि हाल के वर्षों में उसने अपराध की दुनिया से अलग कर लिया था. लेकिन पुरानी दुश्मनी ने उसका पीछा नहीं छोड़ा और पुराने दुश्मन ने दोस्त बनने का धोखा देते हुए मौका मिलते ही गोली मार हत्या कर दिया.

राबो पासवान पर कभी नौवागढ़ी क्षेत्र का आतंक हुआ करता था. नौवागढ़ी बाजार में उसका आतंक था. हत्या, रंगदारी वसूली से लेकर अन्य कई आपराधिक घटनाओं को उसने अंजाम दिया था. वर्ष 2013 में उसने रंगदारी नहीं देने पर मेडिकल दुकान पर बमबारी व गोलीबारी की घटना को अंजाम दिया था. 4 वर्ष पूर्व पुलिस ने नैवागढ़ी बाजार निवासी व्यवसायी हिमांशु कुमार के अपहरण कर हत्या मामले में पुलिस ने गिरफ्तार किया था. एक चौकीदार हत्याकांड में भी उसकी संलिप्तता सामने आयी थी. वर्ष 2020 में उसने गोलीबारी कर मनियारचक टोटहा निवासी छोटू मंडल के रिश्तेदार की गोली मार कर हत्या कर दी थी. वर्ष 2013 में उसके आतंक पर लगाम लगाने के लिए तत्कालीन पुलिस अधीक्षक नवीन चंद्र झा ने नौवागढ़ी बाजार स्थित यात्री पड़ाव में पुलिस पिकेट तक खोल दिया था. जहां छह-एक के जवान को 24 घंटे के लिए पदस्थापित कर दिया था. हालांकि हाल के वर्षों में उसने अपराध की दुनिया से खुद को अलग कर लिया था.

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Published by: Birendra kumar sing

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