पार्सल कर्मियों की जान से खिलवाड़, ट्रेन के नीचे से सामग्री निकालने को मजबूर

जमालपुर जंक्शन पर पार्सल कर्मियों द्वारा मालगाड़ियों के नीचे से सामग्री निकालने का खतरनाक मामला सामने आया है. कर्मचारियों ने आरआरआई कार्यालय पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि ट्रैक पर मालगाड़ियों के गलत ठहराव के कारण उन्हें जान जोखिम में डालनी पड़ रही है.

मुंगेर के जमालपुर से विजय कुमार गुप्ता की रिपोर्ट: पूर्व रेलवे मालदा रेल मंडल के जमालपुर जंक्शन पर पार्सल विभाग के कर्मचारियों की सुरक्षा भगवान भरोसे है. अपनी ड्यूटी निभाने के लिए ये कर्मचारी प्रतिदिन मौत के साये में काम करने को मजबूर हैं. स्टेशन से एक बेहद चौंकाने वाली तस्वीर सामने आई है, जहां पार्सल सामग्री को एक प्लेटफॉर्म से दूसरे प्लेटफॉर्म तक पहुंचाने के लिए कर्मचारी खड़ी मालगाड़ियों के नीचे से होकर गुजर रहे हैं.

मौत को मात देकर ढो रहे हैं पार्सल

मामला जमालपुर जंक्शन के प्लेटफॉर्म संख्या दो और तीन का है. जब भी पार्सल की सामग्री इन प्लेटफॉर्म्स पर उतरती है, तो उसे प्लेटफॉर्म संख्या एक स्थित पार्सल कार्यालय तक लाने में भारी मशक्कत करनी पड़ती है. प्लेटफॉर्म एक और दो के बीच दो अतिरिक्त रेल लाइनें हैं, जिन पर अक्सर मालगाड़ियां खड़ी रहती हैं. ऐसे में पार्सल कर्मी अपनी जान जोखिम में डालकर मालगाड़ी के नीचे बैठकर सारा सामान बाहर निकालते हैं. यदि इस दौरान अचानक मालगाड़ी खुल जाए, तो किसी भी बड़े हादसे से इनकार नहीं किया जा सकता.

रूट रिले इंटरलॉकिंग कार्यालय पर फोड़ा ठीकरा

जब इस जोखिम भरे कार्य के बारे में पार्सल कर्मचारियों से पूछताछ की गई, तो उन्होंने इसके लिए ‘रूट रिले इंटरलॉकिंग’ (RRI) कार्यालय को जिम्मेदार ठहराया. कर्मचारियों का आरोप है कि प्लेटफॉर्मों के बीच हैंड ट्रॉली ले जाने के लिए बाकायदा मार्ग बना हुआ है, लेकिन आरआरआई कार्यालय द्वारा मालगाड़ियों को इस तरह खड़ा कर दिया जाता है कि वह रास्ता पूरी तरह अवरुद्ध हो जाता है.

लापरवाही के कारण मार्ग होता है बाधित

पार्सल कर्मियों ने स्पष्ट रूप से कहा कि आरआरआई कार्यालय की लापरवाही के कारण ही ऐसी स्थिति उत्पन्न होती है. मार्ग बंद होने की स्थिति में उनके पास पार्सल सामग्री को लाने का कोई अन्य विकल्प नहीं बचता, जिसके कारण उन्हें मजबूरी में मालगाड़ी के नीचे से होकर गुजरना पड़ता है. उन्होंने मांग की है कि यदि मालगाड़ियों को रोकने की व्यवस्था सही ढंग से की जाए, तो उन्हें इस प्रकार का खतरनाक रिस्क लेने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी.

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By Divyanshu Prashant

Divyanshu Prashant is a contributor at Prabhat Khabar.

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