आनंदपूर्ण अधिगम से बच्चों का खेल-खेल में होता है विकास : प्रधानाचार्य

अभिभावक के बीच जागरूकता लाना अभिभावक गोष्ठी का मुख्य उद्देश्य है.

मुंगेर. अभिभावक के बीच जागरूकता लाना अभिभावक गोष्ठी का मुख्य उद्देश्य है. अभिभावक और शिक्षक के बीच संवाद से बच्चों की प्रगति में सुधार होता है और शैक्षिक प्रदर्शन भी उत्कृष्ट होता है. यह बातें सरस्वती विद्या मंदिर, मुंगेर में कक्षा प्रथम से तृतीय तक के अभिभावक गोष्ठी में विद्यालय प्रबंधकारिणी समिति के अध्यक्ष अमरनाथ केशरी ने कही. कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रही अभिभाविका रिया यादव ने कहा कि बच्चों के माता-पिता ही पहले गुरु होते हैं. बच्चों के लिए मोबाइल का प्रयोग आवश्यक पड़ने पर ही करें. प्रधानाचार्य संजय कुमार सिंह ने कहा कि बच्चे वातावरण से अधिक प्रभावित होते हैं. बच्चों का विकास जॉयफुल लर्निंग से अत्यधिक होता है. इसके लिए कला, संगीत गेम्स और पहेलियों के माध्यम से छोटे-छोटे बच्चों को खेल-खेल में सिखाया जा सकता है. प्राथमिक खंड की प्रभारी प्रधानाचार्या सुजीता कुमारी ने कहा कि बच्चों को सोते समय छोटी-छोटी प्रेरणादायी कहानी अवश्य सुनाएं. इसका प्रभाव उसके व्यक्तित्व के विकास में अत्यधिक होता है. सुलेख का अभ्यास प्रारंभ से ही आवश्यक है. अभिभावक गोष्ठी में अभिभावक द्वारा भी महत्वपूर्ण सुझाव दिए गए. मौके पर सचिव अशोक कुमार, उपप्रधानाचार्य अमन कुमार सिंह, आचार्य संजीव कुमार सिन्हा, उत्पल यादव, उज्ज्वल कुमार, गौरव कुमार, पंकज पुष्प, शैली कुमारी आदि मौजूद थी.

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Author: RANA GAURI SHAN

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