जिला विधिक सेवा प्राधिकार के तत्वावधान में आगामी 12 सितंबर को एडीआर भवन परिसर में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया जाएगा. इसके सफल आयोजन और अधिक से अधिक मामलों के निष्पादन को लेकर जिला विधिज्ञ संघ में प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश-सह-अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकार आलोक गुप्ता की अध्यक्षता में बैठक हुई. बैठक में सभी विधि अधिवक्ताओं से राष्ट्रीय लोक अदालत के सफल आयोजन में सहयोग करने की अपील की गयी.
8264 वाद चिह्नित, करीब 20 हजार नोटिस जारी
प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश आलोक गुप्ता ने बताया कि आगामी राष्ट्रीय लोक अदालत के लिए न्यायालयों की ओर से लगभग 8264 वादों को चिह्नित किया गया है. इन मामलों के पक्षकारों को बुलाने के लिए करीब 20 हजार नोटिस जारी किये गये हैं. उन्होंने कहा कि अधिक से अधिक मामलों का निष्पादन सुनिश्चित करने के लिए जिला विधिज्ञ संघ और अधिवक्ताओं का सहयोग बेहद जरूरी है.
बैठक के दौरान अधिवक्ताओं ने पिछले राष्ट्रीय लोक अदालत की तुलना में इस बार अधिक मामलों का निष्पादन कराने में सहयोग का आश्वासन दिया.
न्यायिक पदाधिकारियों के साथ अधिवक्ता रहे मौजूद
बैठक में जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश प्रथम अमित रंजन उपाध्याय, जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश पंचम अदिति गुप्ता, मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी दिनेश कुमार, जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव दिनेश कुमार सहित जिला विधिज्ञ संघ के अध्यक्ष शशि शेखर सिंह और सचिव त्रिपुरारी प्रसाद वर्मा मौजूद रहे.
अधिकारियों और अधिवक्ताओं के बीच राष्ट्रीय लोक अदालत की तैयारियों, मामलों के निष्पादन और पक्षकारों की सुविधा को लेकर चर्चा की गयी.
विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ भी हुई बैठक
इधर, एडीआर भवन में जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव दिनेश कुमार की अध्यक्षता में विभिन्न विभागों के पदाधिकारियों के साथ भी बैठक आयोजित की गयी. इसमें विद्युत विभाग के अधिकारियों के अलावा कार्यपालक अभियंता, अनुमंडलीय अभियंता तथा सदर मुंगेर, तारापुर, खड़गपुर और जमालपुर से जुड़े पदाधिकारी शामिल हुए.
पक्षकारों को सुलभ सुविधा उपलब्ध कराने पर जोर
बैठक में अधिकारियों से अधिक से अधिक वादों के निष्पादन में सहयोग करने की अपील की गयी. साथ ही पक्षकारों को राष्ट्रीय लोक अदालत के दौरान सुलभ उपलब्धता और आवश्यक सुविधा सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया. न्यायिक एवं प्रशासनिक स्तर पर तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है, ताकि 12 सितंबर को आयोजित होने वाली राष्ट्रीय लोक अदालत में अधिक से अधिक मामलों का त्वरित निष्पादन किया जा सके.
