मुंगेर विश्वविद्यालय ने सत्र 2024-25 और 2025-26 के लिए पीएचडी के 18 विषयों में 296 सीटों पर नामांकन को लेकर आवेदन की तिथि दोबारा विस्तारित कर दी है. विश्वविद्यालय की ओर से मंगलवार को इस संबंध में सूचना जारी की गयी. नये कार्यक्रम के अनुसार इच्छुक अभ्यर्थी 22 से 24 सितंबर तक बिना विलंब शुल्क आवेदन कर सकेंगे. वहीं 200 रुपये अतिरिक्त विलंब शुल्क के साथ 25 और 26 सितंबर को आवेदन करने का मौका मिलेगा.
सामान्य वर्ग के लिए 1500, एससी-एसटी के लिए 1200 रुपये शुल्क
विश्वविद्यालय की सूचना के अनुसार बिना विलंब शुल्क आवेदन करने पर सामान्य, बीसी, ईबीसी और ईडब्ल्यूएस श्रेणी के अभ्यर्थियों को 1500 रुपये आवेदन शुल्क देना होगा. वहीं एससी-एसटी और दिव्यांग अभ्यर्थियों के लिए आवेदन शुल्क 1200 रुपये निर्धारित है.
विलंब शुल्क के साथ आवेदन करने वाले सामान्य, बीसी, ईबीसी और ईडब्ल्यूएस श्रेणी के अभ्यर्थियों को 1700 रुपये, जबकि एससी-एसटी और दिव्यांग अभ्यर्थियों को 1400 रुपये आवेदन शुल्क देना होगा.
आवेदन प्रक्रिया पूरी होने के बाद विश्वविद्यालय की ओर से साक्षात्कार की तिथि की घोषणा की जायेगी.
296 सीटों के लिए अब तक 386 अभ्यर्थियों ने भरा शुल्क
मुंगेर विश्वविद्यालय ने इससे पहले पीएचडी नामांकन के लिए 3 से 11 सितंबर तक बिना विलंब शुल्क तथा 12 से 15 सितंबर तक 200 रुपये अतिरिक्त विलंब शुल्क के साथ आवेदन मांगे थे. इस दौरान 18 विषयों की 296 सीटों के लिए अंतिम तिथि तक 386 अभ्यर्थियों ने निर्धारित आवेदन शुल्क जमा किया.
विश्वविद्यालय की सूचना के अनुसार पीएचडी के लिए अब तक कुल 567 अभ्यर्थियों ने आवेदन प्रक्रिया पूरी की थी, लेकिन इनमें 386 अभ्यर्थियों ने ही आवेदन शुल्क जमा किया. वहीं 181 अभ्यर्थियों ने आवेदन शुल्क जमा नहीं किया. ऐसे अभ्यर्थियों को ध्यान में रखते हुए विश्वविद्यालय ने एक बार फिर 22 से 26 सितंबर तक आवेदन की प्रक्रिया शुरू की है.
राजनीति विज्ञान और हिंदी में सबसे अधिक आवेदन
अब तक प्राप्त आवेदनों में राजनीति विज्ञान और हिंदी विषय में सबसे अधिक अभ्यर्थियों ने रुचि दिखाई है. विषयवार प्राप्त आवेदन इस प्रकार हैं:
| विषय | आवेदन |
| वनस्पति विज्ञान | 2 |
| रसायनशास्त्र | 5 |
| अर्थशास्त्र | 20 |
| अंग्रेजी | 37 |
| भूगोल | 22 |
| हिंदी | 85 |
| इतिहास | 74 |
| गृह विज्ञान | 5 |
| गणित | 5 |
| संगीत | 10 |
| दर्शनशास्त्र | 9 |
| भौतिकी | 2 |
| राजनीति विज्ञान | 87 |
| मनोविज्ञान | 7 |
| समाजशास्त्र | 2 |
| उर्दू | 4 |
| जंतुविज्ञान | 10 |
इस आंकड़े के अनुसार राजनीति विज्ञान में सबसे अधिक 87 आवेदन, हिंदी में 85 और इतिहास में 74 आवेदन आये हैं. वहीं वनस्पति विज्ञान, भौतिकी और समाजशास्त्र में अब तक सबसे कम आवेदन आये हैं.
