मुंगेर में काला बिल्ला लगाकर आज विरोध करेंगे शिक्षक, वेतन और प्रोन्नति को लेकर बढ़ा आक्रोश

Munger University News: मुंगेर में समय पर वेतन नहीं, प्रोन्नति लंबित और सेवा संपुष्टि में देरी… अब मुंगेर विश्वविद्यालय के शिक्षक आर-पार की लड़ाई के मूड में हैं. गुरुवार को शिक्षक काला बिल्ला लगाकर विरोध जताएंगे.

Munger University News: मुंगेर से अमित झा की रिपोर्ट. मुंगेर विश्वविद्यालय में शिक्षकों की लंबित मांगों को लेकर असंतोष अब खुलकर सामने आने लगा है. समय पर वेतन भुगतान, प्रोन्नति, सेवा संपुष्टि और अधिनियम आधारित देयताओं को लेकर विश्वविद्यालय प्रशासन एवं राज्य सरकार के खिलाफ गुरुवार को शिक्षक काला बिल्ला लगाकर विरोध प्रदर्शन करेंगे. मुंगेर विश्वविद्यालय शिक्षक संघ ने इसे चरणबद्ध आंदोलन का हिस्सा बताया है. शिक्षकों ने इस संबंध में कुलाधिपति, विश्वविद्यालय प्रशासन और शिक्षा विभाग को पहले ही सूचना दे दी है.

शिक्षकों में बढ़ रहा असंतोष, आंदोलन हुआ तेज

मुंगेर विश्वविद्यालय शिक्षक संघ के नेताओं का कहना है कि लंबे समय से शिक्षकों की जायज मांगों की अनदेखी की जा रही है. वेतन भुगतान में देरी, प्रोन्नति प्रक्रिया लंबित रहने और सेवा संपुष्टि नहीं होने से शिक्षकों के बीच नाराजगी लगातार बढ़ती जा रही है. संघ का आरोप है कि विश्वविद्यालय और राज्य सरकार दोनों ही इस मामले में गंभीरता नहीं दिखा रहे हैं.

शिक्षक संघ के प्रतिनिधि डॉ. हरिश्चंद्र शाही ने कहा कि लगातार उपेक्षा के कारण शिक्षकों में मानसिक तनाव बढ़ रहा है. उन्होंने कहा कि जब बार-बार मांग रखने के बावजूद समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन का रास्ता अपनाना मजबूरी बन गया.

काला बिल्ला लगाकर करेंगे काम

गुरुवार को विश्वविद्यालय और संबद्ध कॉलेजों के शिक्षक अपने-अपने कार्यस्थल पर काला बिल्ला लगाकर कार्य करेंगे. इस दौरान शिक्षण कार्य बाधित नहीं होगा, लेकिन शिक्षक प्रतीकात्मक विरोध दर्ज कराएंगे. शिक्षक संघ का कहना है कि यदि मांगों पर जल्द सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो आने वाले दिनों में आंदोलन और तेज किया जाएगा.

विश्वविद्यालय प्रशासन पर उठे सवाल

शिक्षकों का आरोप है कि अधिनियम के तहत मिलने वाली सुविधाओं और अधिकारों को भी समय पर लागू नहीं किया जा रहा है. इससे न केवल शिक्षकों का मनोबल प्रभावित हो रहा है, बल्कि विश्वविद्यालय की शैक्षणिक व्यवस्था पर भी असर पड़ रहा है. शिक्षकों ने राज्य सरकार से जल्द वार्ता कर समाधान निकालने की मांग की है.

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लेखक के बारे में

Published by: Pratyush Prashant

महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में एम.ए. तथा जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) से मीडिया और जेंडर में एमफिल-पीएचडी के दौरान जेंडर संवेदनशीलता पर निरंतर लेखन. जेंडर विषयक लेखन के लिए लगातार तीन वर्षों तक लाडली मीडिया अवार्ड से सम्मानित रहे. The Credible History वेबसाइट और यूट्यूब चैनल के लिए कंटेंट राइटर और रिसर्चर के रूप में तीन वर्षों का अनुभव. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल, बिहार में राजनीति और समसामयिक मुद्दों पर लेखन कर रहे हैं. किताबें पढ़ने, वायलिन बजाने और कला-साहित्य में गहरी रुचि रखते हैं तथा बिहार को सामाजिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक दृष्टि से समझने में विशेष दिलचस्पी.

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