मुंगेर स्वास्थ्य विभाग ने पूर्ण टीकाकरण कवरेज के क्षेत्र में बड़ी उपलब्धि हासिल की है. जिले ने 90.8 प्रतिशत पूर्ण टीकाकरण कवरेज के साथ पूरे बिहार में पहला स्थान प्राप्त किया है. इस उपलब्धि को लेकर पटना में आयोजित कार्यक्रम के दौरान राज्य प्रतिरक्षण पदाधिकारी डॉ. एस.पी. विनायक ने जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी डॉ. फैजुद्दीन को सम्मानित किया. स्वास्थ्य विभाग की इस उपलब्धि से जिले में नियमित टीकाकरण अभियान की प्रभावशीलता सामने आयी है.
एक साल के भीतर सभी जरूरी टीके लगना कहलाता है पूर्ण टीकाकरण
जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी डॉ. फैजुद्दीन ने बताया कि जन्म से एक वर्ष की आयु के भीतर बच्चों को निर्धारित सभी जरूरी टीके लग जाने को पूर्ण टीकाकरण कवरेज कहा जाता है. मुंगेर जिले में 90.8 प्रतिशत बच्चों को पूर्ण टीकाकरण से अच्छादित किया जा चुका है. टीकाकरण से संबंधित सभी बच्चों का डाटा यूविन पोर्टल पर भी अपलोड किया गया है.
उन्होंने बताया कि जिले में नियमित टीकाकरण अभियान लगातार कैंप मोड में चलाया जा रहा है. अभियान के दौरान बच्चों को निर्धारित टीके लगाने के साथ उन बच्चों की भी पहचान की जाती है, जिनका कोई टीका छूट गया है. ऐसे बच्चों को भी अभियान के तहत टीका लगाकर उनका टीकाकरण पूरा कराया जा रहा है.
बीसीजी से एमआर तक कई टीकों से सुरक्षित होते हैं बच्चे
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार जन्म से एक वर्ष के भीतर बच्चों को बीसीजी, पोलियो, हेपेटाइटिस-बी, पीसीवी, एमआर समेत निर्धारित टीके लगाये जाते हैं. इन टीकों का उद्देश्य बच्चों को कई गंभीर और संक्रामक बीमारियों से बचाव प्रदान करना है. समय पर टीकाकरण बच्चों के स्वास्थ्य और सुरक्षित भविष्य के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है.
नियमित अभियान से बढ़ी टीकाकरण की पहुंच
मुंगेर जिले में नियमित टीकाकरण को प्रभावी बनाने के लिए स्वास्थ्य विभाग की ओर से लगातार अभियान चलाया जा रहा है. कैंप मोड में टीकाकरण के साथ छूटे हुए बच्चों को चिन्हित कर उनका टीकाकरण कराया जा रहा है. इसके अलावा टीकाकरण से संबंधित डाटा को यूविन पोर्टल पर दर्ज किया जा रहा है, जिससे बच्चों के टीकाकरण की जानकारी व्यवस्थित रूप से उपलब्ध रहे.
90.8 प्रतिशत उपलब्धि के साथ बिहार में पहला स्थान
पूर्ण टीकाकरण कवरेज में 90.8 प्रतिशत की उपलब्धि हासिल कर मुंगेर ने राज्य में पहला स्थान प्राप्त किया है. इस उपलब्धि के बाद जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी को राज्य स्तर पर सम्मानित किया गया. स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि नियमित टीकाकरण अभियान को लगातार मजबूत किया जाएगा, ताकि अधिक से अधिक बच्चों को समय पर सभी जरूरी टीके मिल सकें और उन्हें गंभीर बीमारियों से सुरक्षित रखा जा सके.
