Munger Sadar Hospital: मुंगेर के मॉडल सदर अस्पताल में मंगलवार शाम हुई एक मरीज की मौत ने अस्पताल की आपातकालीन व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. परिजनों का आरोप है कि इमरजेंसी में मरीज को ऑक्सीजन सिलेंडर लगाया गया, लेकिन सिलेंडर में ऑक्सीजन नहीं थी. उनका दावा है कि समय पर ऑक्सीजन नहीं मिलने के कारण मरीज की मौत हो गई. घटना के बाद अस्पताल की इमरजेंसी में जमकर हंगामा और तोड़फोड़ हुई, डॉक्टर और स्वास्थ्यकर्मी बाहर निकल गए और हालात संभालने के लिए पुलिस की तीन गाड़ियां अस्पताल पहुंचीं.
मरीज की मौत का वास्तविक कारण और ऑक्सीजन सिलेंडर में गैस नहीं होने के आरोप की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है. दोनों बिंदुओं की जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी.
मृतक की पहचान और अस्पताल में भर्ती होने की जानकारी
मृतक की पहचान सीताकुंड कल्याणक निवासी धीरज कुमार (30) के रूप में हुई है. उनके पिता का नाम स्व. विशेश्वर यादव बताया गया है. परिजनों के अनुसार धीरज को पिछले दो दिनों से बुखार था. मंगलवार सुबह करीब 10 बजे उन्हें इलाज के लिए मॉडल सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया था.
परिजनों का कहना है कि शाम के समय अचानक उनकी तबीयत तेजी से बिगड़ने लगी, जिसके बाद उन्हें इमरजेंसी वार्ड में ले जाया गया.
ऑक्सीजन सिलेंडर को लेकर परिजनों का गंभीर आरोप
परिजनों का आरोप है कि इमरजेंसी में धीरज को इंजेक्शन देने के बाद उनकी हालत और गंभीर हो गई. इसके बाद उन्हें ऑक्सीजन सिलेंडर लगाया गया, लेकिन सिलेंडर में ऑक्सीजन नहीं थी. उनका दावा है कि ऑक्सीजन नहीं मिलने के कारण उनकी सांस लगातार बिगड़ती गई और कुछ ही देर बाद उनकी मौत हो गई.
यह आरोप बेहद गंभीर है, लेकिन इसकी पुष्टि फिलहाल किसी आधिकारिक जांच रिपोर्ट से नहीं हुई है. अस्पताल प्रशासन या स्वास्थ्य विभाग की ओर से भी अभी तक यह नहीं बताया गया है कि सिलेंडर में ऑक्सीजन थी या नहीं.
मौत की खबर मिलते ही इमरजेंसी में मचा हंगामा
धीरज कुमार की मौत की खबर मिलते ही उनके परिजन और अन्य लोग आक्रोशित हो गए. देखते ही देखते इमरजेंसी वार्ड में हंगामा शुरू हो गया. प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार आक्रोशित लोगों ने इमरजेंसी में तोड़फोड़ भी की.
अचानक हुए हंगामे से वहां भर्ती अन्य मरीजों और उनके परिजनों के बीच अफरातफरी और दहशत का माहौल बन गया. स्थिति बिगड़ती देख डॉक्टर और स्वास्थ्यकर्मी इमरजेंसी वार्ड से बाहर निकल गए.
पुलिस की तीन गाड़ियां पहुंचीं, तब शांत हुआ मामला
हंगामे की सूचना मिलते ही कोतवाली थाना पुलिस की तीन गाड़ियां मॉडल सदर अस्पताल पहुंचीं. पुलिसकर्मियों ने आक्रोशित परिजनों और मौजूद लोगों को समझाने का प्रयास किया. काफी मशक्कत के बाद स्थिति को नियंत्रित किया गया और अस्पताल परिसर में शांति बहाल हुई.
Munger Sadar Hospital: अस्पताल की इमरजेंसी व्यवस्था पर उठे सवाल
इस घटना के बाद मॉडल सदर अस्पताल की ऑक्सीजन आपूर्ति और इमरजेंसी प्रबंधन व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं. यदि जांच में यह साबित होता है कि मरीज को जरूरत के समय पर्याप्त ऑक्सीजन उपलब्ध नहीं कराई गई, तो यह अस्पताल की आपातकालीन व्यवस्था में बड़ी चूक मानी जाएगी.
वहीं यह भी संभव है कि मरीज की मौत किसी अन्य चिकित्सकीय कारण से हुई हो. इसलिए मौत के वास्तविक कारण और ऑक्सीजन सिलेंडर से जुड़े आरोपों की पुष्टि केवल आधिकारिक जांच के बाद ही हो सकेगी.
फिलहाल इस घटना ने अस्पताल प्रशासन की जवाबदेही, इमरजेंसी सेवाओं की तैयारी और सरकारी अस्पतालों में ऑक्सीजन आपूर्ति व्यवस्था को लेकर नई बहस छेड़ दी है.
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