मुंगेर. वैश्विक महामारी कोरोना काल में बरती गयी लापरवाही को लेकर जिले के तत्कालीन सदर सीओ शशिकांत कुमार पर कार्रवाई हुई है. लंबी चली सुनवाई के बाद राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने जहां उनको निंदन की सजा दी है, वहीं दो वेतन वृद्धि पर रोक लगा दी गयी है. इसे लेकर चकबंदी निदेशक राकेश कुमार ने पत्र भी जारी कर दिया है. बताया जाता है कि तत्कालीन सीओ शशिकांत कुमार के खिलाफ तत्कालीन जिलाधिकारी ने 4 मई 2021 को आरोप गठित कर विभाग को उपलब्ध कराया था. इसमें आरोप लगाया गया था कि वैश्विक महामारी कोरोना वायरस के संक्रमण के दौरान कोरंटीन कैंप में रह रहे प्रवासियों के आवासन एवं अन्य सामग्रियों पर किये गये व्यय से संबंधित विपत्र की जांच ससमय नहीं की गयी. उनके द्वारा बाढ़ व कोरोना जैसे अत्यंत संवेदनशील विषयों पर घोर लापरवाही एवं उदासीनता बरती गयी. उनसे विभाग ने स्पष्टीकरण की मांगा और उन्होंने स्पष्टीकरण का जवाब विभाग में समर्पित किया. लेकिन इधर तत्कालीन डीएम ने आरोपित पदाधिकारी के विरुद्ध पुन: दो आरोप पत्र गठित कर विभाग को प्रेषित कर दिया. इसमें उनके विरुद्ध वर्ष 2021 में बाढ़ के कारण प्रभावित परिवारों को अनुग्राहिक राहत भुगतान के लिए ससमय प्रविष्टि नहीं कराये जाने, वित्तीय वर्ष 2016-17 में महालेखाकार में जमा किये गये उपयोगिता प्रमाण पत्र सुधार कर नहीं भेजने, बिना किसी विशिष्ट कारणों से निजी स्वार्थवश दाखिल-खारिज अस्वीकृत करने, परिमार्जन से प्राप्त आवेदन पत्रों का ससमय निष्पादन नहीं करने समेत अन्य लापरवाही बरतने का आरोप लगाया. उस पर भी विभाग ने उनसे स्पष्टीकरण मांगा और इस मामले में भी उन्होंने जवाब विभाग को उपलब्ध कराया. इसकी समीक्षा के बाद 2022 में उनको निलंबित करते हुए उनके खिलाफ विभागीय कार्यवाही संचालित की गयी. लंबी सुनवाई के बाद निदेशक चकबंदी राकेश कुमार ने तीन वेतन वृद्धि पर रोक का दंड निंदन एवं संचयी प्रभाव के साथ दो वेतन वृद्धि पर रोक लगा दी.
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