मुंगेर-सीताकुंड मुख्य मार्ग बदहाल, गड्ढों और जर्जर सड़क से राहगीर परेशान

Munger Road Condition: जिले के प्रमुख पर्यटन, शैक्षणिक और प्रशासनिक संस्थानों को जोड़ने वाली मुंगेर-सीताकुंड सड़क बदहाली की शिकार है. गड्ढों और जर्जर सड़क के कारण हर दिन हादसों का खतरा बना हुआ है.

मुंगेर से वीरेंद्र कुमार सिंह की रिपोर्ट:

Munger Road Condition: मुंगेर-सीताकुंड मुख्य मार्ग की बदहाल स्थिति लोगों के लिए बड़ी समस्या बन गई है. पूरबसराय गौशाला मोड़ से लेकर सदर प्रखंड कार्यालय के मुख्य द्वार तक सड़क कई जगहों पर टूट चुकी है. सड़क पर बने बड़े-बड़े गड्ढे, उखड़ी सतह और जलजमाव के कारण वाहन चालकों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है.

अंडरब्रिज के पास रोज हादसों का खतरा

एनएच-333बी एप्रोच रोड पर रेलवे अंडरब्रिज के समीप बने गहरे गड्ढे दुर्घटनाओं को न्योता दे रहे हैं. स्थानीय लोगों के अनुसार यहां प्रतिदिन टोटो, ई-रिक्शा और मोटरसाइकिल चालकों के फिसलने या पलटने की घटनाएं होती रहती हैं. बरसात के मौसम में गड्ढों में पानी भर जाने से खतरा और बढ़ जाता है.

कई महत्वपूर्ण संस्थानों की लाइफलाइन है यह सड़क

यह सड़क जिले के कई प्रमुख सरकारी, शैक्षणिक और तकनीकी संस्थानों को जोड़ती है. इसी मार्ग पर सदर प्रखंड कार्यालय, कृषि विज्ञान केंद्र, पॉलिटेक्निक कॉलेज, इंजीनियरिंग कॉलेज, आईटीआई, महिला आईटीआई, श्रम विभाग कार्यालय, बिहार का पहला वानिकी महाविद्यालय एवं अनुसंधान संस्थान (बीएफसीआरआई), आईटीसी डेयरी प्लांट और एलआईसी कार्यालय स्थित हैं.

प्रतिदिन हजारों छात्र, शिक्षक, कर्मचारी, किसान और आम नागरिक इसी मार्ग से आवागमन करते हैं.

सीताकुंड जाने वाले श्रद्धालुओं को भी परेशानी

मुंगेर-सीताकुंड मार्ग प्रसिद्ध धार्मिक एवं पर्यटन स्थल सीताकुंड तक जाता है. वर्षभर यहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु और पर्यटक पहुंचते हैं. बावजूद इसके सड़क की स्थिति वर्षों से उपेक्षित बनी हुई है. सड़क की जर्जर हालत के कारण पर्यटकों और श्रद्धालुओं को भी भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.

वाहन चालकों की बढ़ी मुश्किलें

स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क की खराब स्थिति के कारण छोटे वाहनों को गड्ढों से बचाकर निकालना मुश्किल हो गया है. वहीं भारी वाहनों के गुजरने से धूल और कंपन की समस्या बढ़ रही है. इससे आसपास के ग्रामीणों और संस्थानों में आने-जाने वाले लोगों को भी दिक्कत हो रही है.

एक लाख लोगों का रोजाना आवागमन

स्थानीय लोगों के अनुसार प्रतिदिन करीब एक लाख लोग किसी न किसी रूप में इस सड़क का उपयोग करते हैं. इसके बावजूद सड़क मरम्मत और सुदृढ़ीकरण की दिशा में अब तक कोई ठोस पहल नहीं की गई है. लोगों का कहना है कि प्रशासनिक उदासीनता के कारण उनकी परेशानियां लगातार बढ़ रही हैं.

मरम्मत और पुनर्निर्माण की मांग

क्षेत्रवासियों ने जिला प्रशासन और ग्रामीण कार्य विभाग से सड़क की तत्काल मरम्मत, अंडरब्रिज के समीप गड्ढों की भराई और पूरे मार्ग के पुनर्निर्माण की मांग की है. लोगों का कहना है कि समय रहते आवश्यक कदम नहीं उठाए गए तो कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है.

प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By Shruti Kumari

श्रुति कुमारी एक पत्रकार और डिजिटल कंटेंट राइटर हैं। उन्होंने भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC) से अंग्रेजी पत्रकारिता में स्नातकोत्तर डिप्लोमा प्राप्त किया है। वर्तमान में वे प्रभात खबर डिजिटल में कंटेंट राइटर के रूप में कार्यरत हैं। उन्हें विभिन्न प्लाटफॉर्म्स पर डिजिटल पत्रकारिता और कंटेंट राइटिंग का लगभग दो वर्षों का अनुभव है। सामाजिक मुद्दों, महिला सशक्तिकरण, राजनीति, शिक्षा और लाइफस्टाइल जैसे विषयों पर लिखना उनकी विशेष रुचि का क्षेत्र है। इसके अलावा वे डिजिटल प्लेटफॉर्म के लिए स्क्रिप्ट राइटिंग करती हैं तथा हिंदी कविता और अंगिका भाषा में लेखन का भी शौक रखती हैं। प्रकृति से उनका विशेष लगाव है और वे मानती हैं कि संवेदनशील, तथ्यपरक और जनसरोकार से जुड़ी पत्रकारिता समाज में सकारात्मक बदलाव का माध्यम बन सकती है।

Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >