Munger Flood News: मुंगेर. बाढ़ का पानी रैता गांव के एक परिवार के लिए ऐसी त्रासदी लेकर आया, जिसने पूरे गांव को झकझोर दिया. गंगा पार हरिणमार पंचायत के रैता गांव में गर्भवती महिला सुमंत्री देवी (35) की बाढ़ के गहरे पानी में डूबने से मौत हो गयी. घर के समीप शौच के लिए निकली सुमंत्री को अंदाजा भी नहीं था कि कुछ ही पल बाद बाढ़ का पानी उसकी जिंदगी निगल लेगा.
मंगलवार को हुई इस घटना के बाद गांव में मातम पसरा है. परिवार में चीख-पुकार मची है और पांच मासूम बच्चों के सिर से मां का साया उठ गया है. सुमंत्री छठे बच्चे को जन्म देने वाली थी. बाढ़ के पानी ने एक परिवार से उसकी मां, पत्नी और आने वाले बच्चे की उम्मीद भी छीन ली.
घर के पास शौच के लिए निकली थी सुमंत्री
बताया जाता है कि रैता निवासी मन्नू सिंह की पत्नी सुमंत्री देवी मंगलवार को घर के समीप ही शौच के लिए बाहर निकली थी. बाढ़ के कारण गांव और आसपास के इलाके में पानी फैला हुआ है. इसी दौरान दीवार के समीप शौच करने के क्रम में वह अचानक गहरे पानी में चली गयी.
पानी की गहराई अधिक होने के कारण सुमंत्री खुद को संभाल नहीं सकी और डूब गयी. आसपास के लोगों को घटना की जानकारी मिली तो उन्होंने पुलिस को सूचना दी. सूचना मिलते ही हरिणमार थाना की पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए मुंगेर भेज दिया.
पांच बच्चों के सिर से उठा मां का साया
सुमंत्री देवी की मौत की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया. परिजनों की चीख-पुकार से माहौल गमगीन हो गया. मृतका के पांच बच्चे हैं और वह छठे बच्चे को जन्म देने वाली थी. अचानक हुई इस मौत ने बच्चों से मां की ममता छीन ली.
जिस मां के सहारे बच्चे अपनी रोजमर्रा की जिंदगी जी रहे थे, अब वह उनके बीच नहीं है. परिवार के सामने बच्चों की परवरिश की बड़ी जिम्मेदारी खड़ी हो गयी है. सुमंत्री की मौत के बाद उनके पति मन्नू सिंह पर पांच बच्चों की जिम्मेदारी आ गयी है.
मवेशियों को सुरक्षित करने गया था पति
घटना के समय मन्नू सिंह अपने मवेशियों को चारा देने के लिए ऊंचे स्थान पर गया था. बाढ़ का पानी लगातार आसपास के इलाकों को प्रभावित कर रहा है. मवेशियों को बाढ़ से बचाने के लिए उसने उन्हें सुरक्षित ऊंचे स्थान पर रखा था.
मन्नू सिंह को शायद अंदाजा भी नहीं था कि जिस समय वह मवेशियों को सुरक्षित करने में जुटा है, उसी दौरान उसके घर पर जिंदगी का सबसे बड़ा संकट आ जाएगा. लौटने पर उसे पत्नी की मौत की खबर मिली. इसके बाद परिवार का पूरा माहौल मातम में बदल गया.
रोजमर्रा की जरूरतें भी बन रही जानलेवा
ग्रामीणों का कहना है कि बाढ़ हर साल अपने साथ तबाही लेकर आती है. पानी बढ़ने के साथ लोगों के सामने आवागमन, भोजन, पशुओं की सुरक्षा और शौच जैसी रोजमर्रा की जरूरतों को पूरा करने की चुनौती बढ़ जाती है. रैता गांव में सुमंत्री की मौत ने एक बार फिर बाढ़ प्रभावित इलाकों में लोगों की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े कर दिये हैं.
घर के आसपास जब गहरा पानी फैल जाता है, तब सामान्य जरूरतों के लिए भी लोगों को बाहर निकलना पड़ता है. ऐसे में कब कोई हादसा हो जाये, इसका अंदाजा नहीं रहता. सुमंत्री के साथ हुआ हादसा भी इसी मजबूरी का दर्दनाक परिणाम बन गया.
Munger Flood News: एक दिन पहले बालक की भी हुई थी मौत
ग्रामीणों के अनुसार, एक दिन पहले ही पड़ोसी झौवाबहियार पंचायत में एक बालक की बाढ़ के पानी में डूबने से मौत हो गयी थी. लगातार हो रहे ऐसे हादसों से बाढ़ प्रभावित परिवारों की चिंता बढ़ गयी है.
सुमंत्री देवी की मौत के बाद रैता गांव में यही सवाल चर्चा में है कि आखिर बाढ़ के पानी से घिरे परिवारों की सुरक्षा कब सुनिश्चित होगी. ग्रामीणों का कहना है कि बाढ़ के दौरान घरों के आसपास फैले गहरे पानी और जरूरी काम के लिए बाहर निकलने की मजबूरी से लोगों की जान पर खतरा बना रहता है.
सुमंत्री की मौत ने केवल उसके परिवार को ही नहीं, बल्कि पूरे गांव को गहरे सदमे में डाल दिया है. पांच बच्चों की मां का इस तरह चले जाना परिवार के लिए ऐसा दुख है, जिसकी भरपाई संभव नहीं. बाढ़ का पानी भले धीरे-धीरे उतर जाये, लेकिन इस परिवार पर आयी त्रासदी का असर लंबे समय तक बना रहेगा.
Also Read: 'जो दलितों से टकराएगा...’ नारों के बीच पटना में प्रदर्शन, जेपी गोलंबर पर पुलिस से भिड़े प्रदर्शनकारी
Also Read: टना में NIA की रेड के दौरान स्कूटी से मिले 20 लाख कैश, पुलिस ने युवक को हिरासत में लिया
