संग्रामपुर भीषण गर्मी से मूंग की फसल झुलसने लगी है. जिससे किसानों की चिंता बढ़ गयी है. संग्रामपुर प्रखंड क्षेत्र में मूंग की फसल भीषण गर्मी से तेजी से झुलसती जा रही है. खेतों में हरियाली की जगह सूखी फसल नजर आ रही है. चंदनिया गांव के किसान विपिन बिहारी सिंह, शैलेंद्र शर्मा, किरानी मंडल, गणेश पंडित, विनय यादव और पवन राम समेत दर्जनों किसानों ने बताया कि इस वर्ष उन्हें समय पर सरकारी बीज उपलब्ध नहीं हो सका. महंगे दामों पर बाजार से मूंग का बीज खरीदकर गेहूं की कटाई के बाद खेतों में पटवन कर बुआई की गई. क्षेत्र में सिंचाई के पारंपरिक स्रोत जैसे नदी, तालाब, डांड और बांध अतिक्रमण की चपेट में है. वर्तमान में सिंचाई का एकमात्र सहारा बोरिंग रह गया है, जो गिरते जलस्तर के कारण सिंचाई करना मुश्किल हो गया है. किसानों ने यह भी बताया कि पहले इस मौसम में एक-दो बार बारिश हो जाती थी, जो मूंग की फसल के लिए संजीवनी साबित होती थी लेकिन इस बार अबतक बारिश नहीं होने से स्थिति गंभीर हो गई है और सैकड़ों बीघा में लगी मूंग की फसल सूखकर बर्बाद होने के कगार पर है. जिससे किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है. किसानों ने सरकार से मांग की है कि नदियों, डांड और बांध को अतिक्रमण मुक्त कराया जाए. ताकि हनुमाना डैम में पहुंच रहा गंगा का पानी खेतों तक पहुंच सके और खेतों में सिंचाई हो सके.
झुलस रही मूंग की फसल, किसानों की बढ़ी चिंता
झुलस रही मूंग की फसल, किसानों की बढ़ी चिंता
