अल्पसंख्यकों का वोट तो चाहिए, परंतु नेताओं को नेतृत्व मंजूर नहीं

प्रतिनिधित्व के नाम पर अल्पसंख्यकों के साथ बराबर छल करने का काम किया गया.

– अल्पसंख्यक अधिकार संवाद कार्यक्रम में उठे राजनीतिक हिस्सेदारी की बात मुंगेर जितनी जिसकी भागीदारी उतनी उसकी हिस्सेदारी को लेकर रविवार को मंगलमूर्ति पैलेस में अल्पसंख्यक अधिकार संवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया. अध्यक्षता खानकाह रहमानी के काजी शरीयत रजी अहमद रहमानी ने की. मुख्य अतिथि के रूप में खानकाह रहमानी के जेनरल सेक्रेटरी हाजी आरिफ रहमानी, राजा कर्ण मीर कासिम समिति के अध्यक्ष जफर अहमद, मौलाना अब्दुल्लाह बुखारी मुख्य रूप से मौजूद थे. रजी अहमद रहमानी एवं ज़फर अहमद ने कहा की मुंगेर प्रमंडल में 22 विधानसभा है. जिसमें 14 लाख मुस्लिम मतदाता है. परंतु प्रतिनिधित्व के नाम पर अल्पसंख्यकों के साथ बराबर छल करने का काम किया गया. मुसलमानों की आबादी 18 प्रतिशत होने के बाद भी बहुत कुछ प्रतिशत वाले को मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री का दावेदार घोषित कर दिया जाता है. परंतु सत्ता के सिखर पर पहुंचाने का जिनका बहुत बड़ा योगदान होता है उन्हें नजरअंदाज कर दिया जाता है. मुसलमान इस बात को समझ चुके हैं, इसलिए जितनी जिसकी भागीदारी उतनी उसकी हिस्सेदारी होनी चाहिए. हाजी आरिफ रहमानी एवं मौलाना अब्दुल्लाह बुखारी, खालिद बादल, मो मुकीम एवं अधिवक्ता मो शाहिद ने कहा कि आज मुसलमान से सिर्फ वोट लिया जाता है और नेतृत्व के नाम पर उन्हें नजरअंदाज कर दिया जाता है. मुंगेर विधान सभा में अल्पसंख्यक प्रत्याशी उतारने के साथ ही मुंगेर प्रमंडल में कम से कम 6 एवं पूरे बिहार में 60 अल्पसंख्यक प्रत्याशी को सभी पार्टियां उतारे. महागठबंधन परिवार को कम से कम 60 सीटों पर मुस्लिम प्रत्याशियों उतारे. मौके पर मो. शाहबाज रहमानी, मो. अब्दुल एवं मो. अफजल ने कहा कि वोटर अधिकारी यात्रा में एक भी मुस्लिम नेता को गाड़ी पर नहीं रखना महागठबंधन के नेताओं द्वारा यह संदेश जाता है कि उन्हें मुसलमान की वोट तो चाहिए परंतु नेतृत्व का मौका नहीं मिलना चाहिए.

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By BIRENDRA KUMAR SING

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