नववर्ष : सैलानियों से गुलजार रहे खड़गपुर झील, भीमबांध व ऋषिकुंड

प्राकृतिक वादियों में नववर्ष का जश्न व पिकनिक मनाने पहुंचे हजारों सैलानी

जमकर मनाया नववर्ष का जश्न, सुरक्षा व्यवस्था रही चाक-चौबंद

हवेली खड़गपुर. नववर्ष पर सैलानियों के जश्न से खड़गपुर झील, भीमबांध व ऋषिकुंड की प्राकृतिक वादियां गुलजार हो उठी. कोहरे की चादर छंटते ही धूप खिलखिला उठी और हजारों सैलानी प्राकृतिक वादियों की ओर नववर्ष का जश्न एवं पिकनिक मनाने के लिए पहुंचने लगे. वहीं डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी ने खड़गपुर झील में वोटिंग का शुभारंभ तो कर दिया है, लेकिन एहतियात के तौर पर पहली जनवरी को वोटिंग को बंद रखा गया. इससे सैलानी मायूस नजर आये. वहीं दक्षिणी क्षेत्र के मुख्य फाटक की तरफ निजी नाव का संचालन होता रहा, जहां लोगों ने वोटिंग का आनंद उठाया.

प्राकृतिक वादियों के बीच सैलानियों ने मनाया पिकनिक

प्राकृतिक वादियों के बीच स्थित खड़गपुर झील नववर्ष पर लोगों के आकर्षण का केंद्र रहता है. यहां नववर्ष पर भागलपुर, मुंगेर, जमुई, बांका, देवघर, दुमका, गोड्डा, लखीसराय, पटना, नवादा समेत अन्य जिलों से भारी संख्या में सैलानी पहुंचे थे. लोगों ने भीमबांध में भी पिकनिक का जमकर आनंद लिया और इसकी खूबसूरती को कैमरों में कैद करते नजर आये. कल-कल कर बहते गर्म जल में सैलानियों ने खूब मस्ती की और पिकनिक का आनंद उठाया. पहली जनवरी को धूप खिलने के साथ सैलानियों का उत्साह दोगुना हो गया. इस बार झील का चप्पा-चप्पा पिकनिक मनाने व झील की खूबसूरती निहारने आये लोगों से पटा पड़ा दिखा. कभी लाल आतंक के प्रभाव वाला क्षेत्र माना जाने वाला ऋषिकुंड, दामनकोल, घोड़ाखुर आदि प्राकृतिक स्थल सैलानियों की चहल-पहल और मस्ती से गुलजार नजर आये.

शाम ढलते ही अंधेरे में डूब गयी खड़गपुर झील

हालांकि शाम ढलते ही खड़गपुर झील अंधेरे में डूब गयी. जगह-जगह लगी हाई मास्ट लाइटें और पोल पर लगी लाइटें शोभा की वस्तु बनी रही. इसे लेकर लोगों ने नाराजगी भी जतायी. पर्यटन प्रेमी सूरज भारती, राजीव रंजन, ऋषि, राजा, शशि, राजीव नागर ने बताया कि पर्यटन के नक्शे पर स्थापित करने के लिए खड़गपुर झील में पर्यटकों की सुविधाओं के लिए कई कार्य किये गये हैं, लेकिन झील पहली जनवरी से ही अंधेरे में डूबा रहा.

सुरक्षा के रहे पुख्ता इंतजाम

खड़गपुर.

खड़गपुर झील पर नववर्ष का जश्न मनाने के लिए हजारों की संख्या में सैलानी अपने परिजन, मित्र, बंधु-बांधव और परिवार के संग पहुंचे. झील के शांत जल, चारों ओर फैले घने जंगल और मनमोहक वातावरण ने लोगों को खासा आकर्षित किया. सैलानियों ने परिवार के साथ पिकनिक मनाया, फोटो और वीडियो बनाने के साथ झील के चारों ओर भ्रमण करते हुए नये साल का आनंद उठाया. इस दौरान लोगों ने बोटिंग समेत विभिन्न मनोरंजक गतिविधियों का भी भरपूर आनंद लिया. नववर्ष के मद्देनजर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर खड़गपुर पुलिस एवं एसएसबी के जवान पूरी तरह मुस्तैद दिखे. भीड़ नियंत्रण, यातायात व्यवस्था और किसी भी अप्रिय घटना से निपटने के लिए लगातार गश्त की जा रही थी. इससे सैलानी खुद को सुरक्षित महसूस कर रहे थे. वहीं नाश्ते व खिलौने की दुकानें भी सजी हुई थी, जो लोगों को अपनी ओर आकर्षित कर रही थी.

खड़गपुर झील में नौका विहार का उठाया लुत्फ

हवेली खड़गपुर. नववर्ष पर खड़गपुर झील पहुंचे सैलानियों ने नौका की सवारी कर प्राकृतिक वादियों का दीदार किया. शांत जल, हरियाली और मनोरम वातावरण में नौका विहार सैलानियों के लिए खास आकर्षण बना रहा. नौका विहार के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को लेकर एसडीआरएफ की टीम लगातार मुस्तैद रही, ताकि किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना से बचा जा सके. उल्लेखनीय है कि 28 दिसंबर को उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने खड़गपुर झील में नौका विहार का उद्घाटन किया था. हालांकि नववर्ष के अवसर पर पर्यटन विभाग द्वारा झील में नौका विहार का आधिकारिक परिचालन नहीं किया गया. बावजूद निजी नौकाओं के जरिये नौका विहार जारी रहा और सैलानियों ने नये साल का आनंद उठाया.

सिद्धपीठ तिलडीहा मंदिर में उमड़ते रहे श्रद्धालु

तारापुर. नववर्ष पर श्रद्धालुओं ने अंग क्षेत्र के प्रसिद्ध तांत्रिक सिद्धपीठ तिलडीहा मंदिर में पूजा-अर्चना की. जैसे-जैसे दिन चढ़ता गया, वैसे-वैसे माता के भक्तों की भीड़ बढ़ती गयी. दिन के 10 बजे के बाद से 12 बजे तक तिलडीहा पुल पर जाम लग गया. वहीं पुलिस को भी जाम छुड़ाने में काफी मशक्कत करना पड़ा. कई पुलिस एवं प्रशासनिक पदाधिकारियों ने भी माता के दरबार में हाजिरी लगायी और सुख-समृद्धि की कामना की. मंदिर परिसर में भीड़ के कारण अव्यवस्था नहीं हो, इसे लेकर गोगाचक पुल पर भी पुलिस पदाधिकारी की प्रतिनियुक्ति की गयी थी. इसके अलावे तारापुर के प्रसिद्ध बाबा तारेश्वर नाथ महादेव मंदिर उल्टा स्थान, बाबा रत्नेश्वर नाथ महादेव मंदिर रणगांव व कसबा स्थित नवनिर्मित खाटू श्याम मंदिर में पूजा-अर्चना करने वालों की भीड़ देर संध्या तक लगी रही. नववर्ष को लेकर धौनी काली मंदिर में रात में भजन संध्या का आयोजन किया गया. इसमें ग्रामीणों ने हिस्सा लेकर माता के भजन गाये व देश-प्रदेश के साथ साथ परिवार में भी सुख शांति हो, विश्व का कल्याण हो, यह कामना की.

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Published by: Anand kumar

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