Kanwariya Path: मुंगेर. सावन के महीने में सुल्तानगंज से देवघर जाने वाला कांवरिया पथ इन दिनों भक्ति, तपस्या और आस्था के अनगिनत दृश्यों का साक्षी बना हुआ है. कोई कांवर लेकर पैदल चल रहा है, कोई दंडवत यात्रा कर रहा है, तो कोई विशेष संकल्प के साथ बाबा बैद्यनाथ धाम की ओर बढ़ रहा है. मंगलवार को असरगंज कच्ची कांवरिया पथ पर खगड़िया के एक चाचा-भतीजे की दंडवत यात्रा ने श्रद्धालुओं का विशेष ध्यान आकर्षित किया.
खगड़िया जिले के परबत्ता निवासी 26 वर्षीय आशीष रंजन अपने 13 वर्षीय भतीजे अनुराग कुमार के साथ सुल्तानगंज से देवघर तक 108 किलोमीटर की कठिन दंडवत यात्रा कर रहे हैं. दोनों पिछले तीन वर्षों से लगातार यह तपस्या कर रहे हैं और इस बार भी भोलेनाथ की भक्ति में लीन होकर आगे बढ़ रहे हैं.
108 किलोमीटर की सबसे कठिन शिव तपस्या
दंडवत यात्रा को शिवभक्ति की सबसे कठिन साधनाओं में माना जाता है. इस यात्रा में श्रद्धालु हर कुछ कदम पर जमीन पर पूर्ण दंडवत होकर लेटते हैं, फिर उसी स्थान से उठकर आगे बढ़ते हैं और पूरे मार्ग में यही क्रम दोहराते हैं.
सुल्तानगंज से देवघर तक लगभग 108 किलोमीटर की दूरी इसी प्रकार तय की जाती है. मान्यता है कि इस तपस्या से भगवान शिव शीघ्र प्रसन्न होते हैं और भक्त की मनोकामना पूर्ण करते हैं.
तीन वर्षों से साथ कर रहे हैं यात्रा
आशीष रंजन ने बताया कि वे पिछले तीन वर्षों से अपने भतीजे अनुराग कुमार के साथ दंडवत यात्रा कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि यह केवल शारीरिक परिश्रम नहीं, बल्कि पूरी तरह श्रद्धा और समर्पण की यात्रा है.
उनके शब्दों में, “दंड यात्रा महादेव का बुलावा है. जब तक बाबा नहीं बुलाते, तब तक इस कठिन तप को करना संभव नहीं होता.”
कांवरिया पथ पर आस्था का अद्भुत संगम
असरगंज कच्ची कांवरिया पथ पर आशीष और अनुराग जैसे अनेक श्रद्धालु दंडवत यात्रा करते दिखाई दिए. स्थानीय लोगों के अनुसार इस मार्ग पर सैकड़ों श्रद्धालु कठिन संकल्प लेकर देवघर की ओर बढ़ रहे हैं.
इनमें महिलाएं, बुजुर्ग और बच्चे भी बड़ी संख्या में शामिल हैं. अनुमानित रूप से लगभग 100 महिला, बुजुर्ग और बाल श्रद्धालु भी दंडवत यात्रा कर रहे हैं.
धूप-छांव की परवाह नहीं, सिर्फ ‘बोल बम’ का उत्साह
दंडवत यात्रा कर रहे श्रद्धालु केसरिया वस्त्र धारण किए हुए हैं और धूप, बारिश और थकान की परवाह किए बिना धीरे-धीरे आगे बढ़ रहे हैं.
कांवरिया पथ पर लगातार “बोल बम” और “हर हर महादेव” के जयकारे गूंज रहे हैं. रास्ते में कई श्रद्धालु दंडवत यात्रियों के लिए जल, फल और अन्य आवश्यक सामग्री की व्यवस्था भी करते दिखाई दिए.
Kanwariya Path: सावन में बढ़ रही श्रद्धालुओं की संख्या
श्रावणी मेले के परवान चढ़ने के साथ सुल्तानगंज से देवघर जाने वाले कांवरियों की संख्या लगातार बढ़ रही है. दंडवत यात्रा करने वाले श्रद्धालुओं की उपस्थिति इस मार्ग की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक पहचान को और भी गहरा बनाती है.
आशीष और अनुराग की यह यात्रा न केवल पारिवारिक आस्था का प्रतीक है, बल्कि यह भी दिखाती है कि शिवभक्ति में उम्र नहीं, केवल विश्वास और संकल्प मायने रखता है.
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