जमालपुर (मुंगेर). श्रावणी मेला के बीच रेल मार्ग से हजारों की संख्या में कांवरियों का सुल्तानगंज पहुंचने का सिलसिला लगातार जारी है. वहीं इंटरसिटी से लेकर एक्सप्रेस ट्रेनों में रेल यात्रियों का बुरा हाल है. क्षमता से दो से तीन गुना अधिक रेलयात्री के डब्बे में सवार हो जाने के कारण डब्बा जहां भट्टी के रूप में लोगों को बेचैन कर रहा था. वहीं अपनी आरक्षित सीट पर बैठे रेलयात्री भी जल्द से जल्द अपने गंतव्य तक पहुंचाने के लिए बेचैन रहते हैं.
दानापुर इंटरसिटी में यात्रियों का बुराहाल
खासकर दानापुर-भागलपुर इंटरसिटी एक्सप्रेस दानापुर से रवाना हुई परंतु रास्ते में बड़ी संख्या में कांवरियों का ट्रेन में सवार होने का सिलसिला शुरू हो गया. स्थिति इतनी भयावह हो गई कि ट्रेन के आरक्षित डब्बे में भी सामान्य डब्बे जैसी भारी भीड़ एकत्रित हो गई. जिन रेल यात्रियों ने वाजिब टिकट बनवा रखी थी, उन्हें भी असुविधा होनी शुरू हो गई. किऊल रेलवे स्टेशन पर बड़ी संख्या में बोल बम के नारे के साथ आरक्षित डब्बे में भी कांवरिया प्रवेश कर गए और जिन्हें जहां खड़े रहने की जगह मिली, वह उसी जगह पर स्थिर हो गए. परंतु डब्बे में सवार होने वाले कांवरियों की इतनी भीड़ थी कि वह समाप्त होने का नाम ही नहीं ले रहा था.
ट्रेनों में सामान रखने की जगह बैठ रहे यात्री व कावंरिये
आरक्षित कोच के दोनों तरफ लगेज रखने का जो कैरियर बना होता है, कांवरिया लोग उस कैरियर पर चढ़कर बैठ गए. इसके बाद अपनी सीट पर बैठे रेल यात्रियों की परेशानी बढ़ गई. कई रेल यात्रियों ने कांवरिया को ऊपर के कैरियर पर यह कहते हुए बैठने से मना किया कि भाई यहां अगर आप बैठेंगे तो खुदा ने खस्ता अगर कैरियर टूट कर नीचे गिर पड़ा तो बड़ी दुर्घटना की संभावना बन जाएगी. रेल यात्रियों की बात को सुनने वाला वहां कोई नहीं था. ऐसे में रेल यात्रियों ने ट्रेन में सवार रेल पुलिस के एस्कॉर्ट पार्टी को खोजना आरंभ किया. परंतु कहीं भी एस्कॉर्ट पार्टी दिखाई नहीं पड़ी. जिसके बाद रेल यात्री लाचार होकर अपनी सीट पर बैठ गए.
