मुंगेर. मुंगेर के वरीय पत्रकार रहे लाला जगत ज्योति प्रसाद की 28वीं पुण्यतिथि शनिवार को मनायी गयी. अध्यक्षता अंगिका के चर्चित कवि विजेता मुद्गलपुरी ने की. मुख्य अतिथि प्रो रामबरन सिंह ने उन्हें पत्रकारिता जगत का ध्रुवतारा बताया. समारोह का संचालन मुख्य वक्ता मधुसूदन आत्मीय ने किया. स्मृति समारोह का उद्घाटन अतिथि एवं उनके सुपुत्र विधुशेखर सिंहा, सुधांशु शेखर सिंह ने समवेत रूप में किया. प्रो रामबरन सिंह ने कहा कि उन्होंने समाज को रचनात्मक दिशा दी है. सत्य कहना और अहिंसा लाला जी का आदर्श रहा. विशिष्ट अतिथि शिक्षाविद रजनीश रंजन ने लाला जी के आदर्श को रेखांकित करते हुए कहा कि उन्होंने जो आग की लपटें अपने कलम में लगायी थी, उसे आज भी जलाने की आवश्यकता है. राणा गौरी शंकर ने कहा कि लाला जी पत्रकारिता के प्रति ऐसे समर्पित व्यक्ति रहे, जिससे पत्रकारों को नसीहत लेने की जरूरत है. मुख्य वक्ता मधुसूदन आत्मीय ने कहा की लाला जगत ज्योति जी मिल के पत्थर की तरह समाज और देश के बीच आज मौजूद हैं. वे लोकतंत्र के सच्चे प्रहरी थे. यह कहा कि लाला जी शारीरिक रूप से न रहते हुए भी हमारे बीच मौजूद हैं. सृष्टि सिन्हा ने कहा कि दादाजी के आदर्शों को मैं अपने जीवन में आत्मसात करूंगी. अन्य वक्ताओं में प्रो तारकेश्वर प्रसाद यादव, सुनील कुमार, निशा भारती, रूपम राय, रणजीत कुमार ठाकुर, नवीन कुमार झा ने अपने उद्गार प्रकट किये.
पुण्यतिथि पर याद किये गये पत्रकार लाला जगत ज्योति प्रसाद
मुंगेर के वरीय पत्रकार रहे लाला जगत ज्योति प्रसाद की 28वीं पुण्यतिथि शनिवार को मनायी गयी. अध्यक्षता अंगिका के चर्चित कवि विजेता मुद्गलपुरी ने की.
