45 लाख से खरीदी गयी जेट्टिंग कम सक्शन मशीन का नहीं हो पा रहा उपयोग

सेप्टिक टैंक और अंडरग्राउंड नाला सफाई के लिए कोरोना संक्रमण काल में नगर परिषद जमालपुर द्वारा 45 लाख से खरीदी गयी जेट्टिंग कम सक्शन मशीन का उपयोग नहीं हो रहा है

प्रतिनिधि, जमालपुर. सेप्टिक टैंक और अंडरग्राउंड नाला सफाई के लिए कोरोना संक्रमण काल में नगर परिषद जमालपुर द्वारा 45 लाख से खरीदी गयी जेट्टिंग कम सक्शन मशीन का उपयोग नहीं हो रहा है. अब तक यह मशीन कई बार खराब भी हो गया. जिसे ठीक कराने में नप प्रशासन को अच्छी खासी राशि खर्च करनी पड़ी है. गलियों वाली इस शहर में इसकी उपयोगिता नहीं के बराबर हो पाती है. इतना ही पिछले कुछ दिनों से यह मशीन खराब पड़ी हुई है. सेप्टिक टैंक व अंडरग्राउंड नाला की सफाई में सक्षम है यह मशीन. कोराना काल के दौरान तत्कालीन कार्यपालक पदाधिकारी के समय नगर परिषद ने करीब 45 लाख रुपये की लागत से जेट्टिंग कम सक्शन मशीन की खरीद की थी. इसका उपयोग टॉयलेट के सेप्टिक टैंक और अंडरग्राउंड नाला की सफाई में किया जाता है. यह मशीन काफी शक्तिशाली और विशालकाय है. सेप्टिक टैंक के अतिरिक्त जब किसी अंडरग्राउंड नाला में नाले का पानी जमा हो जाता है और सफाई मजदूर नाले के पानी के जाम को नहीं छुड़ा पाता है तब इस मशीन का उपयोग किया जाता है. विदित हो कि नगर परिषद जमालपुर क्षेत्र में काफी कम संख्या में अंडरग्राउंड नाला है. इसलिए इस मशीन का उपयोग अधिकतर सेप्टिक टैंक की सफाई में ही किया जाता है. हाल के दिनों में कई स्थानों पर अंडरग्राउंड नाला का निर्माण किया जा रहा है. सबसे बड़ी मुसीबत यह है कि जब इस मशीन में कोई खराबी आ जाती है तब उसे दूर करने में काफी लंबा समय लग जाता है. वार्ड के अंदरूनी भागों में नहीं पहुंच पाती है यह वाहन. यह मशीन अत्यंत ही विशाल और भारी है. ऐसी स्थिति में इस मशीन का उपयोग शहर के विभिन्न वार्ड के अंदरूनी भागों में नहीं हो पता है. क्योंकि मशीन की चौड़ाई इतनी अधिक है कि प्रधान मुख्य सड़क या मुख्य सड़क पर ही इस मशीन को लाया और ले जाया जा सकता है. जबकि घनी आबादी वाले क्षेत्रों में चौड़ी सड़क नहीं है बल्कि सकरी और पतली गलियां है. इस कारण यह गलियों में नहीं पहुंच पाती है. गलियों में रहने वाले लोगों को सेप्टिक टैंक साफ कराने की जरूरत पड़ जाती है तब इस मशीन की उपयोगिता लगभग नहीं हो पाती है. क्योंकि चौड़ाई के कारण यह मशीन मुख्य सड़क पर ही रखी जाती है और उसके पाइप को लाभुक के सेप्टिक टैंक तक पहुंचाया जाता है. ऐसे में यदि सड़क से सेप्टिक टैंक की दूरी 150 फीट से कम हो तभी इस मशीन का उपयोग हो पाता है. यदि दूरी बढ़ जाती है तो मशीन की क्षमता टैंक को साफ करने के लिए नहीं बचती है और इस परिस्थिति में लोगों को प्राइवेट मशीन का उपयोग करना पड़ता है. कहते हैं सफाई निरीक्षक. नप जमालपुर के सफाई निरीक्षक सत्यनारायण प्रसाद ने बताया कि कुछ दिनों से यह मशीन खराब पड़ी हुई है. इसे ठीक करने का प्रयास किया जा रहा है. इस मशीन का उपयोग अंडरग्राउंड नाला की सफाई में किया जाता है. जो नगर परिषद के लिए काफी उपयोगी साबित होता है.

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