धड़ल्ले से चल रहा है सफियाबाद थाना क्षेत्र में अवैध मिट्टी का कार्य

चिन्हित स्थानों से मुफ्त की मिट्टी ट्रैक्टर पर लोड किया जाता है और उसे जरूरतमंदों को मुंह मांगी कीमत पर पहुंचाया जाता है.

जमालपुर

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सफियाबाद थाना क्षेत्र में इन दिनों अवैध मिट्टी उत्खनन का धंधा धड़ल्ले से जारी है. इस क्षेत्र में खनन माफिया के कारण सरकार को लाखों के राजस्व का चूना लग रहा है. इस कार्य से जुड़े लोग हल्दी लगे ना फिटकरी और रंग चोखा की तर्ज पर गंगा किनारे से मिट्टी की अवैध कटाई कर मोटा मुनाफा कमा रहे हैं. आलम यह है कि मिट्टी उत्खनन की सूचना उत्खनन पदाधिकारी और अंचल अधिकारी तक पहुंच जाती है परंतु पुलिस का नेटवर्क इस मामले में पीछे रह जाता है.

गंगा नदी किनारे हो रहा अवैध उत्खनन

राष्ट्रीय राजमार्ग 80 और गंगा नदी के बीच के भाग में अवैध उत्खनन किया जाता है. यह सिलसिला जमालपुर प्रखंड के कई पंचायतों में निर्बाध रूप से वर्षों से चल रहा है. जिस पर पूरी तरह लगाम लगा पाने में प्रशासन विफल साबित हुआ है. चिन्हित स्थानों से मुफ्त की मिट्टी ट्रैक्टर पर लोड किया जाता है और उसे जरूरतमंदों को मुंह मांगी कीमत पर पहुंचाया जाता है. कई बार ऐसा भी मामला सामने आया है जब ईट भट्ठा तक अवैध उत्खनन का कारोबार जुड़ा हुआ पाया गया है. बताया गया कि न केवल सरकारी जमीन बल्कि निजी जमीन की मिट्टी की कटाई भी अवैध माना जाता है और यह कानूनन अपराध भी है. लोगों में यह चर्चा बन गई है कि स्थानीय पुलिस की मिलीभगत से अवैध उत्खनन का धंधा फल फूल रहा है जिस पर वरीय अधिकारियों को विशेष ध्यान देने की जरूरत है.

फरदा गांव के आसपास जेसीबी से हो रही है मिट्टी की अवैध कटाई

सफियाबाद थाना क्षेत्र के फरदा गांव के आसपास जेसीबी से मिट्टी की अवैध कटाई हो रही है. न केवल मिट्टी बल्कि गंगा के बालू को भी ट्रैक्टर से ढोया जाता है और जरूरतमंद को मुंह मांगी राशि पर पहुंचाया जाता है. लोगों का मानना है कि नए मकान निर्माण के समय यदि गंगा नदी के बालू का प्रयोग जमीन बनाने में किया जाए तो उसे जमीन पर चूहा परेशान नहीं करता है. इसलिए घर बनाने वाले लोगों की पहली पसंद गंगा नदी का सफेद बालू है. हाल के दिनों में अवैध मिट्टी उत्खनन को लेकर संबंधित विभाग सक्रिय नहीं है. जिसका नतीजा यह है कि रात तो रात दिन के उजाले में भी जेसीबी मशीन से मिट्टी की अवैध कटाई की जाती है. हालांकि कुछ लोगों का यह भी मानना है कि डकारानाल परियोजना के लिए चल रहे कार्य में गंगा नदी से बालू और मिट्टी का उपयोग किया जा रहा है.

कहते हैं अधिकारी

इस संबंध में जिला खनिज विकास पदाधिकारी अभिमन्यु प्रसाद ने बताया कि मामले की जांच की जाएगी और दोषी के विरुद्ध पकड़े जाने पर कठोर कार्रवाई की जाएगी.

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Author: RANA GAURI SHAN

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