यात्री सुरक्षा को सुदृढ़ करने और ट्रेनों के सुरक्षित एवं सुचारू परिचालन को सुनिश्चित करने की दिशा में मालदा मंडल ने महत्वपूर्ण पहल की है. मंडल के जमालपुर सहित विभिन्न महत्वपूर्ण स्थानों पर हॉट एक्सेल बॉक्स डिटेक्टर स्थापित किया गया है. यह स्वचालित ट्रैक साइड सुरक्षा प्रणाली चलती ट्रेन के एक्सल बेयरिंग में होने वाली असामान्य गर्मी का पता लगाने के लिए डिजाइन की गयी है. सिस्टम से समय रहते रेलवे कर्मचारियों को सूचना मिल सकेगी, जिसके आधार पर आवश्यक निवारक कार्रवाई की जा सकेगी.
इंफ्रारेड स्कैनिंग से पकड़ेगा असामान्य तापमान
हॉट एक्सेल बॉक्स डिटेक्टर गुजरती हुई ट्रेनों के एक्सल बॉक्स की स्वचालित इंफ्रारेड स्कैनिंग करता है. ट्रेन के चलते समय यह पहियों और एक्सल का तापमान रिकॉर्ड करता है और तापमान में होने वाली असामान्य वृद्धि का शुरुआती स्तर पर पता लगाता है. इससे संभावित खराबी की जानकारी ट्रेन के अगले चेकिंग स्टेशन तक पहुंचायी जा सकती है.
ब्रेक बाइंडिंग की स्थिति का भी मिलेगा संकेत
रेलवे के अनुसार, यह प्रणाली गर्म और अत्यधिक गर्म पहियों तथा एक्सल का पता लगाने में सक्षम है. ऐसी स्थिति ब्रेक बाइंडिंग का संभावित संकेत हो सकती है. किसी ट्रेन में इस तरह की असामान्य गर्मी मिलने के बाद अगले चेकिंग स्टेशन पर संबंधित हिस्से की जांच की जाती है.
इससे ब्रेक के ठीक से रिलीज नहीं होने और रोलिंग स्टॉक के हैंड ब्रेक के उचित रूप से रिलीज न होने जैसी स्थितियों की पहचान करने में मदद मिलती है. समय रहते जांच होने से संभावित तकनीकी समस्या पर निवारक कार्रवाई की जा सकती है.
रेलवे कर्मचारियों को मिलती है तत्काल सूचना
हॉट एक्सेल बॉक्स डिटेक्टर का एक प्रमुख उद्देश्य तकनीकी खराबी के शुरुआती संकेतों को समय रहते पकड़ना है. तापमान में असामान्य वृद्धि का पता चलने पर रेलवे कर्मचारियों को सूचना मिलती है. इससे ट्रेन की बेहतर निगरानी और आवश्यक हस्तक्षेप संभव होता है. रेलवे के अनुसार, यह व्यवस्था सुरक्षित ट्रेन परिचालन में सहायक होगी.
डीआरएम ने बताया सुरक्षा व्यवस्था में महत्वपूर्ण कदम
मंडल रेल प्रबंधक मनीष कुमार गुप्ता ने बताया कि मालदा मंडल में एक्सेल बॉक्स डिटेक्टर की स्थापना मंडल की सुरक्षा व्यवस्था को और सुदृढ़ करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है. उन्होंने कहा कि इससे ट्रेनों के अधिक सुरक्षित, सुचारू और विश्वसनीय परिचालन में मदद मिलेगी.
