ग्रीनफील्ड सैटेलाइट टाउनशिप क्षेत्रों में जमीन की खरीद-बिक्री और हस्तांतरण को लेकर लंबे समय से चली आ रही रोक के बीच राज्य सरकार ने बड़ा फैसला लिया है. नगर विकास एवं आवास विभाग ने संकल्प जारी कर इन क्षेत्रों में भूमि के क्रय-विक्रय एवं हस्तांतरण पर राहत प्रदान की है. संकल्प में कहा गया है कि अधिसूचित ग्रीनफील्ड सैटेलाइट शहरों में विकास योजना के अंतिम प्रकाशन के बाद भूमि के क्रय-विक्रय, हस्तांतरण पर लगी रोग हटा ली जायेगी. इस फैसले का सीधा लाभ मुंगेर में चिह्नित ग्रीनफील्ड सैटेलाइट टाउनशिप क्षेत्र के भू-स्वामियों को मिलने की उम्मीद है. विभाग के अपर सचिव मनोज कुमार ने इस संबंध में संकल्प जारी किया है.
विकास योजना बनने तक मिली बड़ी राहत
विभागीय संकल्प के अनुसार राज्य में कुल 11 ग्रीनफील्ड सैटेलाइट टाउनशिप क्षेत्रों का चयन किया गया है. इनमें पटना, सोनपुर, गया, दरभंगा, सहरसा, पूर्णिया और मुंगेर में चिह्नित टाउनशिप के विशेष क्षेत्र और कोर क्षेत्र के लिए मास्टर प्लान तैयार किया जा रहा है.
वहीं मुजफ्फरपुर, छपरा, भागलपुर और सीतामढ़ी में आयोजना क्षेत्र का विस्तार किया गया है. इन क्षेत्रों में विकास की योजनाबद्ध प्रक्रिया को देखते हुए भूमि के क्रय-विक्रय, हस्तांतरण, भूमि विकास और भवन निर्माण पर रोक लगायी गयी थी.
अब विभाग ने इन क्षेत्रों में भूमि के क्रय-विक्रय और हस्तांतरण को लेकर राहत प्रदान की है. इससे लंबे समय से अपनी जमीन के संबंध में लेन-देन नहीं कर पा रहे भू-स्वामियों को राहत मिलने की उम्मीद है.
मास्टर प्लान के बाद विकास कार्य होंगे नियंत्रित
बिहार शहरी आयोजना एवं विकास अधिनियम, 2012 की धारा 9(7) के तहत ग्रीनफील्ड सैटेलाइट टाउनशिप क्षेत्रों में भूमि संबंधी गतिविधियों पर रोक लगायी गयी थी. विभागीय संकल्प में स्पष्ट किया गया है कि विकास योजना के अंतिम प्रकाशन के बाद भूमि के क्रय-विक्रय और हस्तांतरण पर लगी रोक हटा दी जाएगी.
वहीं यदि विकास योजना के अंतिम प्रकाशन से पहले रोक हटाने में कोई व्यावहारिक व्यवधान नहीं होता है, तो प्रारूप प्रकाशन के बाद ही बिहार नगर विकास प्राधिकरण भूमि के क्रय-विक्रय एवं हस्तांतरण पर लगी रोक हटाने की कार्रवाई कर सकता है.
विकास योजना के अंतिम प्रकाशन के बाद संबंधित क्षेत्रों में भूमि उपयोग, आधारभूत संरचना, सार्वजनिक स्थलों और भवन निर्माण से जुड़े प्रावधान लागू होंगे. भूमि विकास और निर्माण गतिविधियों को डेवलपमेंट कंट्रोल रेगुलेशन यानी डीसीआर के तहत नियंत्रित किया जाएगा.
मुंगेर में कोर और विशेष क्षेत्र चिह्नित
मुंगेर जिले में ग्रीनफील्ड सैटेलाइट टाउनशिप के विकास के लिए बड़े भू-क्षेत्र को चिह्नित किया गया है. प्रस्तावित ग्रीनफील्ड सैटेलाइट टाउनशिप के कोर क्षेत्र में 1,016 एकड़ और विशेष क्षेत्र में 6,750 एकड़ भूमि का दायरा निर्धारित किया गया है.
कोर क्षेत्र में बरियारपुर और जमालपुर प्रखंड के 12 गांव शामिल हैं. वहीं विशेष क्षेत्र का विस्तार बरियारपुर, जमालपुर और खड़गपुर प्रखंड के कुल 43 गांवों तक है. इस प्रकार मुंगेर में ग्रीनफील्ड सैटेलाइट टाउनशिप के कोर और विशेष क्षेत्र के दायरे में कुल 55 गांव शामिल हैं.
भू-स्वामियों की लंबे समय से थी नजर
टाउनशिप के लिए क्षेत्र चिह्नित होने के बाद भूमि के क्रय-विक्रय और हस्तांतरण पर रोक के कारण संबंधित क्षेत्र के भू-स्वामियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा था. जमीन की खरीद-बिक्री से लेकर उसके हस्तांतरण तक पर रोक के कारण कई लोगों के जमीन संबंधी जरूरी कार्य प्रभावित हो रहे थे.
अब राज्य सरकार की ओर से जारी संकल्प के बाद इन भू-स्वामियों को राहत मिलने की उम्मीद है. हालांकि भविष्य में टाउनशिप क्षेत्र में होने वाले भूमि विकास और निर्माण कार्य निर्धारित विकास योजना और डीसीआर के प्रावधानों के तहत ही किये जा सकेंगे.
राज्य सरकार के इस फैसले से एक ओर भू-स्वामियों को जमीन के लेन-देन में राहत मिलने की उम्मीद है, वहीं दूसरी ओर ग्रीनफील्ड सैटेलाइट टाउनशिप के नियोजित विकास की प्रक्रिया को भी आगे बढ़ाने का रास्ता साफ हुआ है.
