Munger News: विश्व प्रसिद्ध श्रावणी मेला के दौरान सुल्तानगंज से देवघर तक की 105 किलोमीटर लंबी पैदल यात्रा करने वाले कांवरियों के लिए मुंगेर जिले के तारापुर स्थित गोगाचक सरकारी कांवरिया धर्मशाला आस्था और राहत का केंद्र बन गया है. यहां जिला प्रशासन और पर्यटन विभाग की पहल पर आयोजित भक्ति-संगीत कार्यक्रमों में शिवभक्त विश्राम के दौरान शिव भजनों की धुन पर नाचते-गाते नजर आ रहे हैं. कठिन यात्रा, पैरों में पड़े छाले और लंबी दूरी की थकान मानो भक्ति के उल्लास में खो जाती है.
गोगाचक की धर्मशाला इन दिनों केवल विश्राम स्थल नहीं, बल्कि सामूहिक शिवभक्ति का जीवंत मंच बन गई है. यहां महिलाओं और पुरुषों दोनों की बड़ी संख्या शिव भजनों पर झूमती दिखाई देती है, जबकि प्रशासन और स्वयंसेवी टीमें उनकी सुविधा और सुरक्षा में लगातार जुटी हुई हैं.
105 किलोमीटर की यात्रा के बीच गोगाचक बना राहत का पड़ाव
सुल्तानगंज से गंगाजल लेकर बाबा बैद्यनाथ धाम की ओर पैदल बढ़ने वाले कांवरिये तारापुर के कच्ची कांवरिया पथ स्थित गोगाचक सरकारी धर्मशाला में कुछ समय के लिए विश्राम करते हैं.
जैसे ही धर्मशाला के बड़े हॉल में शिव भजन गूंजते हैं, विश्राम कर रहे श्रद्धालु उत्साह से भर उठते हैं. कई कांवरिये सामूहिक रूप से नृत्य करने लगते हैं और वातावरण पूरी तरह शिवमय हो जाता है.
शिव भजनों ने दूर कर दी यात्रा की थकान
श्रद्धालुओं का कहना है कि भक्ति-संगीत उन्हें नई ऊर्जा देता है.
पश्चिम बंगाल के नदिया जिले से आए प्रशांत, ललिता और रागिनी ने बताया कि लंबे पैदल सफर के कारण पैरों में तेज दर्द था, लेकिन शिव भजन सुनते ही सारी थकान दूर हो गई और अब वे फिर से यात्रा के लिए तैयार हैं. उनके अनुसार यह धर्मशाला कांवरियों के लिए किसी वरदान से कम नहीं है.
धर्मशाला में उपलब्ध हैं जरूरी सुविधाएं
नगर पंचायत द्वारा संचालित गोगाचक सरकारी कांवरिया धर्मशाला में श्रद्धालुओं के लिए कई आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं.
यहां स्वच्छ पेयजल, पर्याप्त रोशनी, पंखे, मोबाइल चार्जिंग प्वाइंट और प्राथमिक चिकित्सा जैसी बुनियादी व्यवस्थाएं की गई हैं, ताकि लंबी यात्रा के दौरान कांवरियों को राहत मिल सके.
सुरक्षा और सूचना व्यवस्था भी मजबूत
कांवरियों की सुरक्षा के लिए धर्मशाला परिसर में 24 घंटे पुलिस बल तैनात है.
इसके अलावा खोए हुए श्रद्धालुओं की सूचना प्रसारित करने के लिए जनसंपर्क विभाग के कर्मचारी मयंक कुमार और उनकी टीम लगातार ध्वनि विस्तारक यंत्र के माध्यम से घोषणाएं कर रही है. प्रशासन और स्वयंसेवकों की टीमें भी पूरी मुस्तैदी के साथ सेवा कार्य में जुटी हुई हैं.
Munger News: भक्ति, संगीत और सेवा का अनूठा संगम
श्रावणी मेला के दौरान गोगाचक सरकारी कांवरिया धर्मशाला भक्ति, संगीत और मानव सेवा के अनूठे संगम का उदाहरण बन गई है.
यहां पहुंचने वाले कांवरियों के लिए यह केवल विश्राम स्थल नहीं, बल्कि ऐसी आध्यात्मिक ऊर्जा का केंद्र है, जहां से वे नई शक्ति के साथ बाबा बैद्यनाथ धाम की ओर अपनी यात्रा जारी रखते हैं.
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