अपर मुख्य सचिव के निर्देश पर धावा दल करेगी अल्ट्रासाउंड केंद्रों की जांच
मुंगेर. जिले में पीसीपीएनडीटी एक्ट का पालन नहीं करने और गर्भवतियों की लिंग जांच करते पाये जाने वाले अल्ट्रासाउंड जांच केंद्रों पर अब स्वास्थ्य विभाग अपना शिकंजा कसने की तैयारी में लग गया है. स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव ने जिले के सिविल सर्जन को जिले में संचालित अल्ट्रासाउंड जांच केंद्रों का समय-समय पर जांच करने और इसके लिए धावा दल तैयार करने का निर्देश दिया गया है.सिविल सर्जन डॉ राजू ने बताया कि जांच के दौरान वैसे अल्ट्रासाउंड केंद्र, जिनके द्वारा पीसीपीएनडीटी एक्ट का पालन नहीं किया जाता है या जहां लिंग परीक्षण करते पाया जायेगा. उस अल्ट्रासाउंड जांच केंद्र के विरुद्ध धावा दल में जिलाधिकारी की ओर से नियुक्त दंडाधिकारी प्राथमिकी की कार्रवाई करेंगे. साथ ही संबंधित अल्ट्रासाउंड को सील करने की कार्रवाई की जायेगी.
जिले में संचालित हैं 37 अल्ट्रासाउंड जांच केंद्र
विभाग के अनुसार जिले में 37 अल्ट्रासाउंड जांच केंद्र संचालित हैं. यहां पीसीपीएनडीटी एक्ट के तहत निबंधन योग्य चिकित्सक के नाम पर होना है. साथ ही जिस चिकित्सक के नाम पर अल्ट्रासाउंड जांच केंद्र निबंधित है. उस चिकित्सक द्वारा ही मरीजों की जांच की जानी है. इतना ही नहीं अल्ट्रासाउंड जांच केंद्र में गर्भवतियों का लिंग परीक्षण जांच करना कानूनी अपराध है. ऐसे में अब जिला स्वास्थ्य विभाग ऐसे अल्ट्रासाउंड जांच केंद्रों पर कार्रवाई के लिए तैयारी कर रहा है.
पूर्व में सात अल्ट्रासाउंड जांच केंद्रों पर हो चुकी है कार्रवाई
वर्ष 2023 में स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव के निर्देश पर विशेष धावा दल ने जिले में संचालित अल्ट्रासाउंड जांच केंद्रों का निरीक्षण किया था. इस दौरान बरियारपुर, संग्रामपुर और हवेली खड़गपुर सहित जिला मुख्यालय में संचालित सात अल्ट्रासाउंड केंद्रों पर कार्रवाई की गयी थी. जहां जिस चिकित्सक के नाम पर जांच केंद्र निबंधित था. उनकी जगह दूसरे लोगों द्वारा मरीजों की अल्ट्रासाउंड जांच की जा रही थी.
