हवेली खड़गपुर. बाल श्रमिकों से श्रम कराना कानूनन अपराध है. बाल श्रम उन्मूलन को लेकर सोमवार को खड़गपुर प्रखंड में विशेष धावा दल ने सघन अभियान चलाया. श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी कुमार रमन के नेतृत्व में गठित टीम ने प्रखंड क्षेत्र के विभिन्न दुकानों, प्रतिष्ठानों, होटलों, मॉल व गैराजों की जांच की. इस दौरान चार बाल श्रमिकों को मुक्त कराया गया. श्रम अधीक्षक सत्य प्रकाश ने बताया कि जिले में बाल श्रम के खिलाफ कार्रवाई लगातार जारी रहेगी. वित्तीय वर्ष 2026-27 में अबतक कुल चार बाल श्रमिकों को मुक्त कराया जा चुका है. उन्होंने स्पष्ट किया कि बाल व किशोर श्रम (प्रतिषेध व विनियमन) अधिनियम, 1986 के तहत बच्चों से कार्य कराना पूरी तरह गैरकानूनी है. उन्होंने बताया कि दोषी नियोजकों के विरुद्ध संबंधित थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई गई है. साथ ही मुक्त कराए गए बच्चों को बाल कल्याण समिति, मुंगेर के समक्ष प्रस्तुत कर उन्हें बाल गृह में सुरक्षित रखा गया है. कानून के प्रावधानों के अनुसार बाल श्रमिकों से कार्य कराने वालों पर 20 हजार से 50 हजार रुपये तक जुर्माना या दो वर्ष तक कारावास का प्रावधान है. इसके अलावा सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशानुसार नियोजकों से 20 हजार रुपये की अतिरिक्त वसूली भी की जाएगी. इस छापेमारी अभियान में श्रम विभाग के अधिकारी, पैरा लीगल वॉलेंटियर, सामाजिक कार्यकर्ता, बाल संरक्षण इकाई के प्रतिनिधि एवं पुलिस बल की सक्रिय भागीदारी रही.
छापेमारी में चार बाल श्रमिक हुए मुक्त, नियाेजकों पर प्राथमिकी दर्ज
बाल श्रमिकों से श्रम कराना कानूनन अपराध है. बाल श्रम उन्मूलन को लेकर सोमवार को खड़गपुर प्रखंड में विशेष धावा दल ने सघन अभियान चलाया
