गंगा के जलस्तर में उतार-चढ़ाव के बाद 39.29 मीटर पर फिर स्थिर हुआ जलस्तर

गंगा के जलस्तर में भले ही वृद्धि रूक गयी है,

घर वापसी पर लगा ग्रहण, संघर्ष में कट रही बाढ़ पीड़ितों की जिंदगानी

मुंगेर

मुंगेर गंगा के जलस्तर में उतार-चढ़ाव जारी है, हालांकि रविवार को एक बार फिर गंगा का जलस्तर 39.29 मीटर पर पहुंच कर स्थिर हो गया. जो खतरे के निशान से मात्र 6 सेंटीमीटर नीचे है. गंगा के जलस्तर में भले ही वृद्धि रूक गयी है, लेकिन बाढ़ का पानी गांव से लेकर शहर तक फैला हुआ है और उससे उठ रही दुर्गंध लोगों को परेशान कर रही है. अब भी हालात ऐसी बनी हुई है कि बाढ़ प्रभावित परिवारों की जिंदगी संघर्ष में कट रही है.

39.29 मीटर पर स्थिर हुई गंगा, आज से गिरावट की संभावना

बताया जाता है कि पिछले दो माह से गंगा के जलस्तर में उतार-चढ़ाव की स्थिति बनी हुई है. वार्निंग लेवल 38.33 मीटर को इस दो माह में गंगा ने कई पार किया. लेकिन एक बार डेंजर लेवल 39.33 मीटर से गंगा का जलस्तर पार कर गया और जिला प्रशासन को पांच प्रखंडों को बाढ़ क्षेत्र घोषित करना पड़ा था. लेकिन पांच-छह दिन में ही खतरे के निशान से पानी घटने लगा और वार्निंग लेवल से नीचे गंगा का जलस्तर पहुंच गया. लेकिन सितंबर में यह दूसरा मौका है कि उतार-चढ़ाव के बीच गंगा का जलस्तर 39.29 पर पहुंच कर स्थिर हो गया है. संभावना व्यक्त की जा रही है सोमवार को गंगा के जलस्तर में गिरावट शुरू हो जायेगा.

घर वापसी की सता रही चिंता, संघर्ष में कट रही जिंदगी

पहली बार आई बाढ़ में ही सदर प्रखंड के जाफरनगर, टीकारामपुर और कुतलुपुर पंचायत के दर्जनों गांवों से लोग घर-आंगन छोड़ कर गांव से निकल गये थे. जो बबुआ घाट, समाहरणालय के समीप पार्क सहित अन्य जगहों पर शरण लिया. नौवागढ़ी व बरियारपुर में भी लोगों ने सड़क किनारे व रेलवे ट्रेक किनारे शरण लिया. जो पिछले दो माह से बाढ़ कम होने का इंतजार कर रहे है. अब उनको घर वापसी की चिंता सताने लगी है. क्योंकि उनकी जिंदगी संघर्ष में कट रही है. दुर्गा पूजा नजदीक आ रही है और नवरात्रा की शुरूआत होने वाली है. जिसके कारण बाढ़ प्रभावित वैसे लोग जो गांव-घर को छोड़ चुके है उनको घर वापसी की अधिक चिंता हो रही है. हालांक बाढ़ का पानी अभी गांव-घर से बाहर नहीं निकल सकी है.

गांव से शहर तक फैला है बाढ़ का पानी, उठने लगी दुर्गंध

खतरे के निशान को भले ही गंगा का जलस्तर पार नहीं किया है, लेकिन बाढ़ का पानी गांव से लेकर शहर तक फैला हुआ है. इतना ही शहरी क्षेत्र के कई वार्ड में भी पानी फैला हुआ है. लालदरवाजा, लल्लूपोखर, बेलवा घाट, करबल्ला, चांय टोला, दुमंठा घाट, हेरूदियारा में बाढ़ का पानी फैला हुआ है. पिछले एक-डेढ माह से पानी रहने के कारण उससे दुर्गंंध उठने लगी है. प्रसिद्ध शक्तिपीठ चंडिका स्थान में बाढ़ का पानी भरा हुआ है. जिसके कारण नवरात्रा की तैयारी अब तक वहां शुरू नहीं हो पा रही है.

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Published by: Birendra kumar sing

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